सामने घाट पर गंगा किनारे अवैध कब्जों पर निगम सख्त:35 बिस्वा भूमि पर अवैध प्लाटिंग व बाउंड्रीवाल ध्वस्त, जल प्रवाह क्षेत्र तक कर लिया था निर्माण

Nov 07, 2026 - 21:38
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सामने घाट पर गंगा किनारे अवैध कब्जों पर निगम सख्त:35 बिस्वा भूमि पर अवैध प्लाटिंग व बाउंड्रीवाल ध्वस्त, जल प्रवाह क्षेत्र तक कर लिया था निर्माण
पवित्र नगरी काशी में गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह और सरकारी जमीनों को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने अब तक का बड़ा और कड़ा रुख अख्तियार किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के कड़े निर्देशों पर शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने सामने घाट क्षेत्र में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों को जमींदोज कर दिया। लगभग 35 बिस्वा सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम की यह महा-कार्रवाई देर शाम तक लगातार चलती रही, जिससे क्षेत्र के अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा रहा। गंगा के जल प्रवाह क्षेत्र तक कर लिया था अवैध कब्जा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - नगर निगम प्रशासन को पिछले कुछ समय से गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि सामने घाट क्षेत्र में गंगा नदी के ठीक किनारे और सार्वजनिक भूखंडों पर कुछ रसूखदारों और भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बाउंड्रीवाल खड़ी कर प्लाटिंग की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्व विभाग की एक विशेष टीम गठित कर तत्काल मौके पर जाकर जांच करने का आदेश दिया था। जब राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश और स्थलीय निरीक्षण किया, तो वहां की स्थिति देखकर अधिकारी भी दंग रह गए ।अतिक्रमणकारियों ने न सिर्फ गंगा के किनारे की बेशकीमती भूमि को घेरा था, बल्कि नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र (फ्लड ज़ोन) के भीतर घुसकर पक्की बाउंड्रीवाल और सीढ़ियों का निर्माण कर लिया था। यह गंगा नदी के अस्तित्व और पर्यावरण नियमों का सीधे तौर पर उल्लंघन था। देर शाम तक चला ध्वस्तीकरण अभियान, कब्जेदारों में मचा हड़कंप मामले की पुष्टि होते ही नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दल के साथ मौके पर मुस्तैद हो गई। टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया। बुलडोजर चलते ही मौके पर हड़कंप मच गया। नगर निगम की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई को देखकर कई कब्जेदारों के हौसले पस्त हो गए। कार्रवाई के दौरान कुछ बड़े कब्जेदारों ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर खुद ही अपना अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया और इसके लिए समय मांगा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक और नदी क्षेत्र में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यह व्यापक अभियान देर शाम तक जारी रहा और अवैध रूप से खड़ी की गई दीवारों व सीढ़ियों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं इस बड़ी कार्रवाई के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अतिक्रमणकारियों और भू-माफियाओं को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली किसी भी सरकारी भूमि, सार्वजनिक पार्क, तालाब या गंगा नदी के किनारे किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा, "गंगा नदी काशी की लाइफलाइन है और इसके प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति को कोई भी व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति समझकर इस्तेमाल करने की भूल न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ सिर्फ ध्वस्तीकरण ही नहीं, बल्कि नियमानुसार बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।" चिह्नित होंगे अवैध स्थल, जारी रहेगी सख्त निगरानी अभियान को आगे भी प्रभावी बनाए रखने के लिए नगर आयुक्त ने राजस्व और जोन के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर के ऐसे सभी संवेदनशील और नदी तटीय इलाकों को पूरी तरह से चिह्नित किया जाए। इन जगहों पर निरंतर निगरानी रखने के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि जहां भी सार्वजनिक भूमि पर कब्जा दिखे, वहां बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के, निष्पक्ष होकर त्वरित कार्रवाई की जाए।

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