सहारनपुर में दया शुगर मिल बंद, कर्मचारियों का प्रदर्शन:करीब 300 मजदूरों ने बकाया भुगतान मांगा, CM से मिल शुरू कराने या पूरा पैसा दिलाने की गुहार
सहारनपुर में गागलहेड़ी स्थित दया शुगर मिल अचानक बंद किए जाने के विरोध में गुरुवार दोपहर दो बजे मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा।करीब 300 कर्मचारियों ने लेबर कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और बकाया भुगतान की मांग उठाई।कर्मचारियों का आरोप है कि मिल प्रबंधन ने 21 अक्टूबर को बिना पूर्व सूचना और कर्मचारियों से बातचीत किए बंदी का नोटिस लगा दिया। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दया शुगर मिल के यूनियन लीडर अमरपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारी वर्षों से मिल में काम कर रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी ऐसे हैं,जिन्होंने अपनी जिंदगी के 40 से 50 साल मिल को दिए हैं।इसके बावजूद मिल बंद करने से पहले प्रबंधन ने कर्मचारियों को विश्वास में लेना तक जरूरी नहीं समझा। अचानक लिए गए फैसले से कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरपाल सिंह के मुताबिक,मिल बंद होने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन के एमडी से संपर्क करने का प्रयास किया,लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों का कहना है कि मिल बंद करने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमानुसार उनका बकाया वेतन और अन्य देय भुगतान पहले कराया जाना चाहिए। बिना भुगतान किए कर्मचारियों को उनके हाल पर छोड़ना उचित नहीं है। मजदूर अपनी मांगों को लेकर लेबर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। अमरपाल सिंह ने बताया कि डीएलसी ने फोन पर आश्वासन दिया है कि वह शाम को आएंगे। साथ ही शुक्रवार को कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान निकलेगा और बकाया भुगतान को लेकर ठोस कार्रवाई होगी। यूनियन लीडर ने आरोप लगाया कि मिल बंद करने का कोई वैधानिक कारण कर्मचारियों को नहीं बताया गया है।उन्हें आशंका है कि प्रबंधन मनमाने तरीके से मिल बंद कर रहा है। मजदूरों ने मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मिल दोबारा शुरू कराई जाए या कर्मचारियों का पूरा बकाया भुगतान दिलाया जाए। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी डीएलसी कार्यालय पर धरने पर बैठेंगे।
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