फतेहपुर में हत्या के दोषी पति को उम्रकैद:फतेहपुर में शादी के 3 महीने बाद हुई थी मौत
फतेहपुर में कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति रितेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 498ए आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत भी सजा और अर्थदंड लगाया है। मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणबीर सिंह चौधरी ने की। अतिरिक्त दहेज में 7 लाख रुपए मांगने का आरोप शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने गुरुवार शाम 5 बजे बताया कि मामला गाजीपुर थाना क्षेत्र के मवरियापुर गांव से जुड़ा है। चकशाह फिरोजपुर निवासी फूलकली पत्नी रामभजन ने अपनी बेटी मधु देवी की शादी 9 मई 2022 को मवरियापुर निवासी रितेश पुत्र गंगाचरन से की थी। आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद ही पति रितेश, सास गुड़िया, ससुर गंगाचरन, देवर राहुल और ननद अंशिका व कोमल अतिरिक्त दहेज में 7 लाख रुपये की मांग को लेकर मधु देवी को प्रताड़ित करने लगे। मायके पक्ष की ओर से समझाने-बुझाने के बावजूद ससुराल पक्ष के रवैये में सुधार नहीं हुआ। 28 जुलाई 2022 को हुई थी मधु देवी की मौत अभियोजन पक्ष के अनुसार, 28 जुलाई 2022 को मधु देवी की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव फंदे से लटका दिया गया था। घटना की रिपोर्ट गाजीपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। अभियोजन ने दलील दी कि मधु देवी की शादी को करीब तीन महीने ही हुए थे। वह पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत भी नहीं रख सकी थीं, क्योंकि उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। अदालत ने सुनाई ये सजाएं अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले में दोषसिद्धि के बाद पति रितेश को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। धारा 304बी आईपीसी: आजीवन कारावास। धारा 498ए आईपीसी: दो वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड। दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4: एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड। मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणबीर सिंह चौधरी ने की।
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