सिपाही के पिता की मौत में सर्जन नामजद:बेटा बोला-एसआरएन से प्राइवेट हॉस्पिटल में बुलाकर किया ऑपरेशन, बिगड़ी हालत

Sep 26, 2026 - 15:06
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सिपाही के पिता की मौत में सर्जन नामजद:बेटा बोला-एसआरएन से प्राइवेट हॉस्पिटल में बुलाकर किया ऑपरेशन, बिगड़ी हालत
प्रयागराज में एक निजी अस्पताल में पित्त की थैली और हर्निया का ऑपरेशन कराने के बाद सिपाही के बुजुर्ग पिता की मौत हो गई। बेटे का आरोप है कि एसआरएन अस्पताल के सर्जन डॉ. राहुल सिंह ने प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर ऑपरेशन किया। लापरवाही व गलत इलाज के कारण पिता की जान चली गई। उसने जार्जटाउन थाने में तहरीर देकर सर्जन पर लापरवाही से मौत का केस दर्ज कराया है। इस मामले में बेटे की शिकायत पर पुलिस ने सीएमओ को रिपोर्ट दी। सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित कर पूरे मामले की जांच कराई और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथमदृष्टया लापरवाही व गलत इलाज के आरोप सही पाए। इसके बाद ही सर्जन पर मुकदमा दर्ज किया गया। एसआरएन में हुई डॉक्टर से मुलाकात पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात रवि प्रजापति प्रतापगढ़ के अमरगढ़ का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया, मेरे पिता की उम्र लगभग 65 साल है। वह पेद में दर्द व पेट ठीक ना रहने समस्या से पीड़ित थे। मैं उन्हें एसआरएन अस्पताल ले गया, जहां सर्जन डॉ. राहुल सिंह, जो बृहस्पतिवार को कमरा नम्बर 2/22 में बैठते हैं, को दिखाया। अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद उन्होंने बताया कि आपके पिता को पित्त की थैली में पथरी है। इसके लिए ऑपरेशन करना जरूरी है और उन्हें भर्ती कराना पड़ेगा। 10 दिन बाद निजी अस्पताल में बुलाया उनके कहने पर मैं पिता को एक दिन लेकर एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती रहा। सुबह ऑपरेशन की बारी आई तो डॉक्टरों की एक टीम ने फेफड़ों की समस्या बताकर ऑपरेशन करने से मना कर दिया। इसके बाद उसने फिर डॉ. राहुल सिंह को दिखाया तो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर यह स्पष्ट आश्वासन दिया कि आपके पिता जी को फेफड़ों से सम्बन्धित कोई गम्भीर समस्या नहीं है। ऑपरेशन मे किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होगी। लगभग 10 दिन बाद उन्होंने अपने प्राइवेट क्लीनिक डॉ. डीआर मेमोरियल हॉस्पिटल, जार्जटाउन कंपनी बाग गेट नंबर 5 पन्नालाल रोड पर बुलाया। निजी हॉस्पिटल से लखनऊ किया रेफर 22 जनवरी को मेरे पिता की पित्त की थैली एवं हार्निया दोनों ऑपरेशन एक साथ कर दिए गए। ऑपरेशन के तुरंत बाद मेरे पिता की स्थिति गंभीर हो गई। इसके करारण उन्हें दो दिनों तक आईसीयू में रखा गया। इसके बाद डॉ राहुल सिंह ने यह कहकर अपना दायित्व त्याग लिया कि अब मरीज का इलाज उनके वश की बात नहीं है। इसके बाद पिता को उनके परिचित एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां एक दिन रखने के बाद उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। बाद में बीएमसी हॉस्पिटल अंसल सिटी लखनऊ में इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। लापरवाही से हुई मौत बेटे का आरोप है कि यह मामला घोर चिकित्सकीय लापारवाही, गलत चिकित्सकीय आकलन तथा गैर जिम्मेदाराना आश्वासन का है। इसके चलते एक व्यक्ति की असमय मौत हुई। बेटे की शिकायत पर सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित किया और उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस बोली, जांच शुरू जार्जटाउन थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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