विधानसभा में योगी-सरकार बनवाएंगे, केंद्र में नहीं बनेगी मोदी सरकार:यूजीसी नियमों और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में कमिश्नरी पर प्रदर्शन
यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी एक्ट में सहायता राशि बढ़ाए जाने के विरोध में रविवार को हिंदू स्वाभिमान परिषद और गुरु गोरखनाथ कामधेनु गौसेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्ण और ओबीसी समाज के लोगों ने कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के नए नियम वापस लेने, एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने और आरक्षण व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करने की मांग की गई। हिंदू स्वाभिमान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भरद्वाज ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा है कि न बंटेंगे, न कटेंगे और बटोगे तो कटोगे, वहीं दूसरी तरफ यूजीसी जैसे नियम लाकर हिंदू समाज को बांटने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन इस कानून को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने यूजीसी के नए रेगुलेशन में शिकायतों को सुलझाने की व्यवस्था और प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा था कि इसमें 70 प्रतिशत एससी-एसटी और 30 प्रतिशत स्वर्ण समाज का प्रतिनिधित्व है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में स्वर्ण समाज की आवाज दबने की आशंका है। अमित ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाली सहायता राशि 8 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कानून का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। इससे स्वर्ण और ओबीसी समाज के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने फर्जी मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग की। ज्ञापन में 20 मार्च 2018 को डॉ. सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया। संगठन ने कहा कि फैसले में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग और झूठे मामलों से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा की गई थी। ज्ञापन के अनुसार, वर्ष 2016 में एससी से जुड़े 5,347 और एसटी से जुड़े 612 मामले फर्जी पाए गए थे। इसके साथ ही झांसी के विष्णु तिवारी के मामले का उल्लेख करते हुए फर्जी मुकदमों में निर्दोष लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने आरक्षण व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करने की मांग करते हुए कहा कि इसका लाभ जाति और धर्म के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर मिलना चाहिए। जो भी व्यक्ति गरीब और जरूरतमंद है, उसे आरक्षण का लाभ दिया जाए, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से हो। प्रदर्शन के दौरान अमित भारद्वाज ने राजनीतिक नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि स्वर्ण और ओबीसी समाज ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार का समर्थन किया था, लेकिन अब ऐसे फैसलों से समाज में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनवाने के लिए उनका समाज समर्थन करेगा, लेकिन केंद्र में मोदी सरकार की वापसी नहीं होने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे फैसलों से योगी सरकार की सत्ता में वापसी की राह में भी मुश्किलें खड़ी की जा रही हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)