यूपी नहीं, MP में चुराना था 5 करोड़ का सोना:घटनास्थल से 13Km दूर एमपी बॉर्डर, आरोपी बोला- यूपी में हूं पता होता, तो चोरी न करते
हमारी गैंग ने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत 7 राज्यों में चोरी-लूट की। मगर कभी यूपी नहीं आए। इस बार भी एमपी में वारदात करनी थी। पूरा प्लान था कि झांसी बॉर्डर से सटे मध्य प्रदेश के छतरपुर में सर्राफा कारोबारी का 5 करोड़ का सोना चुराएंगे। मगर वारदात नहीं कर पाए। कारोबारी बस में बैठ गया। बस एमपी से होते हुए झांसी पहुंची। यह यूपी में पहला स्टोपेज था। यहां सर्राफा व्यापारी मोबाइल चलाने में व्यस्त था, जबकि साथी पानी लाने बस से उतर गया। मौका मिलने पर गहनों से भरे दो बैग चुराकर भाग गए। दो दिन बाद पता चला कि धोखे में वारदात यूपी में कर दी। अगर पता होता कि यूपी में हूं तो चोरी नहीं करते। यह कहना है गिरफ्तार आरोपी अमोल मारूती पिटेकर (29) का। जिसने 29 अक्टूबर को झांसी के मऊरानीपुर कस्बे में अपने पिता समेत पूरी गैंग के साथ मिलकर 5 करोड़ के गहने चुराए थे। घटनास्थल से लगभग 13 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश की सीमा लगती है। यहां से होते हुए बस मऊरानीपुर पहुंची थी। गैंग के सभी 6 आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनको लोकल की जानकारी नहीं थी। वे इसी भ्रम में थे कि बस मध्य प्रदेश में ही चल रही है। घटना के दो दिन बाद यूपी पुलिस सक्रिय हुई तो उनको पता चला। अभी अमोल का पिता समेत 5 आरोपी फरार है। 5 करोड़ के गहने भी नहीं मिले। पुलिस पांचों को तलाश रही है। कारोबारी की लोकेशन की सटीक जानकारी थी पुलिस के अनुसार, सर्राफा कारोबारी गुरकीरत सिंह अमृतसर से गहने लेकर बेचने आया था। पहले वह झांसी पहुंचा। यहां से मध्य प्रदेश के जबलपुर और फिर छतरपुर आया। छतरपुर पहुंचने पर महाराष्ट्र की गैंग तक सूचना पहुंची। गैंग भी जबलपुर होते हुए छतरपुर आ गई। पुलिस को शक है कि गैंग में कारोबारी का करीबी या लोकल का व्यक्ति भी शामिल है। उसी ने गैंग को कारोबारी की लोकेशन दी। गैंग के मास्टरमाइंड अमोल के पिता मारूती राजाराम पिटेकर की गिरफ्तारी के बाद सबकुछ क्लियर होगा। पुलिस की 8 टीमें पिता समेत 5 बदमाशों को तलाशने में जुटी हैं। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए झांसी के SSP विकास कुमार ने बताया- पंजाब के अमृतसर में रहने वाले गुरकीरत सिंह बड़े सर्राफा कारोबारी हैं। वह सोने के गहने बनाकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सप्लाई करते हैं। इस बार वह अमृतसर से मध्य प्रदेश आए थे। जबलपुर के बाद छतरपुर में गहनों की सप्लाई की। इसके बाद 29 अक्टूबर को छतरपुर से झांसी आने के लिए प्राइवेट बस में सवार हुए। कारोबारी आम यात्रियों की तरह साधारण थैलों में ही कीमती गहने लेकर चलते हैं। उन्होंने गहनों से भरे 5 बैग अपनी सीट के ऊपर बनी जाली पर रख दिए। इनमें से 2 बैग उनकी तरफ और 3 दूसरी तरफ रखे थे। बस में गैंग के 3 बदमाश पहले से सवार थे। मऊरानीपुर बस स्टैंड पर बस रुकते ही तीनों बदमाश गहनों से भरे 2 बैग लेकर उतर गए। CCTV फुटेज में तीनों को बैग लेकर बस से उतरते देखा गया है। इसके बाद वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर फरार हो गए। बैगों में 6937 ग्राम सोने के गहने थे। जिसमें नग आदि काटकर 3152 ग्राम सोने और 200 ग्राम शुद्ध सोना शामिल है। जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। 15 लाख कैश भी था। CCTV फुटेज से आगे बढ़ी जांच SSP विकास कुमार ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की 8 टीमें लगाई गई थीं। यह मुश्किल मामला था, क्योंकि पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। सिर्फ एक धुंधला CCTV फुटेज मिला था। इसी को आधार बनाकर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो का पीछा करते हुए 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा रास्ते के CCTV फुटेज दिन-रात खंगाले। इससे गाड़ी का नंबर मिला। इसके बाद फास्टैग की डिटेल के जरिए पुलिस महाराष्ट्र के गैंग तक पहुंच गई। 3 नवंबर को पुलिस ने गैंग के एक आरोपी अमोल मारूती पिटेकर (29) को चोरी के पैसों के साथ गिरफ्तार किया है। वह महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कर्जत थाना क्षेत्र के महालंगी गांव का रहने वाला है। एसएसपी के मुताबिक, आरोपी को महाराष्ट्र से ट्रांजिट रिमांड पर झांसी लाया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो अमोल के नाम पर रजिस्टर्ड है। कर्ज चुकाने के लिए पिता ने दिए थे 20 लाख एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में अमोल ने खुलासा किया कि गैंग का लीडर उसका पिता मारूती राजाराम पिटेकर है। पिता ने अपने 4 साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। सभी स्कॉर्पियो से जबलपुर होते हुए छतरपुर और फिर मऊरानीपुर पहुंचे थे। चोरी के बाद इसी रास्ते से महाराष्ट्र लौट गए। अमोल के मुताबिक, वारदात के बाद पिता ने उसे फोन करके राशिन कस्बे में बुलाया। चोरी के गहने बेचने के बाद उसे 20 लाख रुपए दिए और कर्ज चुकाने को कहा। उसने यह रकम अपने बैंक खातों में जमा कर दी थी। 3 नवंबर को वह रजिस्ट्री ऑफिस में कर्ज चुकाने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 1.40 लाख रुपए नकद और दो मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके तीन बैंक खातों में जमा 17.06 लाख रुपए फ्रीज कराए हैं।
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