23 को मृत्युदंड सुनाने वाले जज रवि दिवाकर का ट्रांसफर:परिवार न्यायालय भेजे गए, शिवकुमारी को फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी
मुजफ्फरनगर में करीब साढ़े आठ महीने तक तैनात रहे न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर का तबादला परिवार न्यायालय में कर दिया गया है। उनके स्थान पर न्यायाधीश शिवकुमारी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। तबादले के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कई चर्चित हत्याकांडों में सुनाए मृत्युदंड के फैसले रवि कुमार दिवाकर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई चर्चित आपराधिक मामलों में फैसले सुनाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने हत्या और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में 23 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इनमें अधिवक्ता समीर सैफी, शेखर, राजेंद्र सैनी, होमगार्ड रतिराम और किसान राज सिंह हत्याकांड प्रमुख हैं। मृत्युदंड सुनाना और फांसी होना अलग-अलग प्रक्रिया किसी दोषी को निचली अदालत से मृत्युदंड सुनाया जाना और वास्तव में फांसी दिया जाना अलग-अलग बातें हैं। मृत्युदंड के फैसले पर उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होती है। इसलिए रवि कुमार दिवाकर के संदर्भ में यह कहना उचित है कि उन्होंने 23 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया था। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी दोषियों को फांसी दी जा चुकी है।
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