अखिलेश बोले–सपा सरकार बनी तो वृंदावन को हेरिटेज सिटी बनाएंगे:कार्यकर्ताओं से कहा, जनता लाठी बांटने वालों को नहीं लैपटाॅप बांटने वालों को चुनेगी

Nov 05, 2026 - 20:58
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अखिलेश बोले–सपा सरकार बनी तो वृंदावन को हेरिटेज सिटी बनाएंगे:कार्यकर्ताओं से कहा, जनता लाठी बांटने वालों को नहीं लैपटाॅप बांटने वालों को चुनेगी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को अलग अलग मुद्दों के जरिए भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने भाजपा की पदयात्राओं से लखनऊ और कानपुर में पैदा हुए जाम, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वृंदावन के धार्मिक-सांस्कृतिक विकास को लेकर अपनी पार्टी का नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो वृंदावन को हेरिटेज सिटी बनाएंगे। अखिलेश ने वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने और डुप्लीकेट रोकने के लिए मेटल का मतदाता कार्ड बनाने की मांग की। साथ ही वृंदावन को हेरिटेज सिटी और ए-ग्रेड नगर पालिका का दर्जा दिलाने का भरोसा दिया। पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा की पदयात्राओं को लेकर कहा कि लखनऊ में पार्टी की पदयात्रा से यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी। त्योहारों के बीच कानपुर में निकाली गई पदयात्रा ने भी शहर की मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने कहा कि कानपुर पहले से ही जाम की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में भाजपा की पदयात्रा ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। लखनऊ और कानपुर की जनता भाजपा की इस कार्यशैली से नाराज है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश की जनता को दुख और परेशानी देने के अलावा सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग ही अराजक हो गए हैं। भाजपा को किसानों, नौजवानों और व्यापारियों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार चरम पर हैं, लेकिन सरकार के पास इन सवालों का जवाब नहीं है। 10 साल की सरकार में गिनाने लायक उपलब्धि नहीं अखिलेश ने कहा कि भाजपा करीब 10 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद जनता को अपनी उपलब्धियां नहीं बता पा रही है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सड़कों पर उतरकर लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकार में रहते हुए बजट की लूट और भ्रष्टाचार किया। राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी, चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है। किसानों, नौजवानों, छात्रों और कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी खराब हुई है। अखिलेश ने भाजपा को दकियानूसी, पुरातनपंथी और संकीर्ण मानसिकता वाली राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि जनता अब ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। SIR के बाद फॉर्म-6 से फर्जी वोट बढ़ाने की आशंका जताई मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा। लखनऊ स्थित सपा के राज्य मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में प्रदेशभर से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद अब फॉर्म-6 के जरिए भाजपा अपने मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की साजिश कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर लगातार नजर रखने और किसी भी तरह के फर्जी वोट बनने से रोकने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच करनी होगी। भाजपा फर्जी वोट बढ़वाने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे सतर्क रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी को लेकर जनता में आक्रोश है, लेकिन निर्वाचन आयोग को इसकी कोई परवाह नहीं है। सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने की मांग की। उनका सुझाव था कि मतदाता पहचान पत्र मेटल का बनाया जाए, ताकि उसका डुप्लीकेट तैयार करना आसान न हो। उन्होंने आधार को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ने की बात भी कही। उनके मुताबिक, इससे चुनावी धांधली और वोट चोरी रोकने में मदद मिल सकती है। अखिलेश ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र और जनता के वोट का अधिकार तभी सुरक्षित रह सकेगा, जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। 2027 के लिए लैपटॉप, रोजगार और सामाजिक न्याय का संदेश अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा जनता का भरोसा खो चुकी है। लोग उसके झूठ, लूट और बेईमानी को समझ चुके हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले झटके का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भी जनता भाजपा को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि जनता लाठी बांटने वालों को नहीं, बल्कि लैपटॉप बांटने वालों को चुनेगी। सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से जनता के भरोसे पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सभी को सम्मान और न्याय मिलेगा। किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य दिलाया जाएगा, नौजवानों को नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इस तरह अखिलेश ने भाजपा पर हमले के साथ सपा की सरकार बनने पर किए जाने वाले कामों का भी संकेत दिया। वृंदावन को हेरिटेज सिटी बनाने का वादा राजनीतिक और चुनावी मुद्दों के बीच अखिलेश यादव ने धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के विकास को लेकर भी पार्टी का एजेंडा सामने रखा। गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में श्री बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन के गोस्वामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान वृंदावन और ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के साथ विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में मथुरा-वृंदावन में कराए गए विकास कार्यों के लिए उनका आभार जताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि ब्रजमंडल में वृंदावन की अलग पहचान है। यहां की कुंज गलियां, गोवर्धन पर्वत और अन्य धार्मिक स्थल अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के लिए जाने जाते हैं। इनका योजनाबद्ध विकास किया जाए तो वृंदावन को विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। अखिलेश ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ब्रज क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। वृंदावन को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे ए-ग्रेड नगर पालिका का दर्जा दिलाने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें परंपरा और प्रगति का समन्वय हो तथा ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। उन्होंने मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की भी बात कही। यह आश्वासन ऐसे समय आया है, जब मंदिरों के प्रबंधन और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में रजत गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, आभास गोस्वामी और देव गोस्वामी शामिल रहे। इस मौके पर डॉ. अशोक अग्रवाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद थे। भाजपा को घेरने के साथ सपा के चुनावी मुद्दे भी सामने रखे अखिलेश यादव के गुरुवार के बयानों को देखें तो उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से तीन अलग-अलग वर्गों और मुद्दों को साधने की कोशिश की। पदयात्राओं और जाम के मुद्दे के जरिए आम जनता, मरीजों, व्यापारियों और शहरी मतदाताओं की परेशानी उठाई। मतदाता सूची के मुद्दे पर चुनावी पारदर्शिता और वोट के अधिकार को केंद्र में रखा। वहीं वृंदावन के विकास और मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की बात कहकर धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़े वर्गों तक संदेश पहुंचाया। इन मुद्दों के जरिए सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने के साथ अपनी पार्टी की भावी सरकार का खाका भी पेश किया। रोजगार, किसानों को फसल का उचित मूल्य, सामाजिक न्याय, तकनीक और धार्मिक विरासत का संरक्षण उनके बयानों में प्रमुखता से उभरा। अब देखना होगा कि इन मुद्दों को सपा आगामी चुनाव तक किस तरह जनता के बीच ले जाती है।

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