सुरंग बनाकर तैयार हो रहा था नकली चांदी का वर्क:परतापुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, एल्यूमिनियम फॉयल पीटकर बन रहा था वर्क
मेरठ में दीपावली पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में जुट गए हैं। मेरठ के परतापुर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली चांदी का वर्क तैयार करने के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। यहां एक मकान के नीचे गुप्त सुरंग बनाकर अवैध फैक्टरी चलाई जा रही थी।
बाहर से देखने पर मकान में केवल दो कमरे नजर आ रहे थे लेकिन अंदर एक गुप्त दरवाजे के पीछे पूरा कारखाना संचालित हो रहा था। सुरंगनुमा तहखाने में छह से सात मशीनें लगाकर एल्यूमिनियम फॉयल को पीटकर नकली चांदी का वर्क बनाया जा रहा था। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार वर्क और कच्चा माल बरामद किया है। करीब 12 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान गुलिस्तां नाम की महिला ही मौके पर मिली, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए। दरअसल, खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि परतापुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नकली चांदी का वर्क तैयार किया जा रहा है। त्योहार के चलते यहां कई शिफ्टों में काम चल रहा है। इस वर्क की सप्लाई मिठाई की दुकानों तक किए जाने की आशंका थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग की टीम ने अपने सूत्र सक्रिय किए और ठिकाने की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। गुरुवार शाम टीम को संदिग्ध मकान की लोकेशन मिल गई। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस फोर्स के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में मकान सामान्य दिखाई दिया। अंदर दो कमरे बने हुए थे और बाहर से किसी फैक्टरी के संचालन का अंदाजा नहीं लग रहा था। टीम ने जब बारीकी से जांच की तो मकान में एक गुप्त दरवाजा मिला। मौके पर मौजूद गुलिस्तां की मौजूदगी में पुलिस ने दरवाजा खुलवाया। गुप्त दरवाजे के पीछे मिली सुरंग
दरवाजा खुलते ही नीचे जाने के लिए संकरी सीढ़ियां दिखाई दीं। यह रास्ता किसी सुरंग की तरह नीचे बने तहखाने तक पहुंच रहा था। पुलिस और खाद्य विभाग की टीम जब नीचे पहुंची तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। तहखाने में छह से सात मशीनें लगी हुई थीं। इन मशीनों के जरिये एल्यूमिनियम फॉयल को बार-बार पीटकर बेहद पतली परत तैयार की जा रही थी, जिसे चांदी के वर्क के रूप में इस्तेमाल किया जाना था। तलाशी में मिला नकली चांदी का वर्क
तलाशी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में तैयार नकली वर्क मिला। इसके अलावा वर्क बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और एल्यूमिनियम फॉयल भी बरामद हुआ। पूरा इंतजाम इस तरह किया गया था कि बाहर से किसी को इस अवैध कारोबार की भनक तक न लगे। मकान के नीचे गुप्त ठिकाना बनाकर मशीनों से उत्पादन किया जा रहा था। खाने की चीज नहीं, फिर भी मिठाई पर इस्तेमाल
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा के मुताबिक, मौके से बरामद एल्यूमिनियम फॉयल को मशीनों में पीटकर चांदी के वर्क जैसा बनाया जा रहा था। एल्यूमिनियम फॉयल का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को पैक करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसे चांदी के वर्क के विकल्प के रूप में मिठाइयों पर इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अधिकारी ने बताया कि ऐसे पदार्थ के सेवन से लीवर, किडनी और आंतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। 12 नमूने जांच को भेजे जाएंगे
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से तैयार वर्क और कच्चे माल समेत करीब 12 नमूने एकत्र किए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद बरामद सामग्री की प्रकृति और मिलावट की पुष्टि हो सकेगी। कार्रवाई के दौरान गुलिस्तां नाम की महिला मिली, जबकि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोग मौके से फरार हो गए। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां तैयार नकली वर्क की सप्लाई किन मिठाई कारोबारियों और दुकानों तक की जा रही थी। नेटवर्क खंगालने में जुटी टीमें
त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने मिठाई कारोबार में मिलावट के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पूरी फैक्ट्री गैरकानूनी तरीके से चल रही थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरंग में चल रही इस फैक्टरी का तैयार वर्क आखिर किन बाजारों तक पहुंच चुका है और इस खेल के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस व खाद्य विभाग की टीमें इनका नेटवर्क खंगाल रही हैं।
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