बस हादसे में सभी नौ मृतकों के शव सौंप:महोबा निवासी मां और बेटे की हुई पहचान, गुरुवार को छह की हुई थी पहचान
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात आग का गोला बनी स्लीपर बस में जिंदा जले सभी नौ लोगों की पहचान हो गई है। गुरुवार को छह मृतकों की पहचान के बाद शुक्रवार को तीन अन्य शवों की भी पहचान कर ली गई। इनमें महोबा के भाजपा नेता नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और बेटा शशांक गुप्ता भी शामिल हैं। तीसरे मृतक की पहचान सूरजपुर की सीताराम कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई है। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही स्लीपर बस बुधवार रात जेवर कोतवाली क्षेत्र में अचानक आग की लपटों में घिर गई थी। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई और उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। करीब 25 यात्रियों ने किसी तरह बस से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन नौ यात्री अंदर ही फंस गए और आग की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना थी। आग इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया था। गुरुवार देर शाम तक छह मृतकों की पहचान परिजनों ने किसी तरह की। तीन शवों की पहचान नहीं हो सकी थी। शुक्रवार को परिजन पहुंचे और तीनों की पहचान भी कर ली गई। तीनों शवों की पहचान
पुलिस के मुताबिक, दो शवों की पहचान महोबा के भाजपा नेता नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके बेटे शशांक गुप्ता के रूप में हुई। वहीं, तीसरे शव की पहचान ओमप्रकाश के रूप में हुई, जो सूरजपुर की सीताराम कॉलोनी में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार ओमप्रकाश मूल रूप से महोबा क्षेत्र के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान पता सूरजपुर का दर्ज कराया गया था। सभी के शव सौंप दिए गए
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी नौ शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे के बाद अब मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन एक साथ नौ जिंदगियां छिन जाने से परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)