छात्रवृत्ति के बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर वसूली का आरोप:710 विद्यार्थियों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान; छात्र नेता बैनर और ज्ञापन डीएम के जरिए राज्यपाल को सौंपेंगे

Nov 06, 2026 - 08:02
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छात्रवृत्ति के बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर वसूली का आरोप:710 विद्यार्थियों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान; छात्र नेता बैनर और ज्ञापन डीएम के जरिए राज्यपाल को सौंपेंगे
गाजीपुर में स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में छात्रवृत्ति के बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है। छात्र नेताओं ने विद्यार्थियों से 70 से 100 रुपए तक लेने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया है। इसके विरोध में चलाया गया दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान गुरुवार शाम 4 बजे कॉलेज के मुख्य द्वार पर पूरा हुआ। अभियान में 710 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर किए। छात्र नेता शुक्रवार को हस्ताक्षरयुक्त बैनर और ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसे डीएम के माध्यम से राज्यपाल तक भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उनका आरोप है कि कॉलेज में निशुल्क सत्यापन की व्यवस्था करने के बजाय विद्यार्थियों को बाहर की निजी दुकानों पर भेजा जा रहा है। वहीं, प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र कुमार पांडे ने वसूली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज में बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। पिछले साल के पत्र में 40 रुपए शुल्क का जिक्र छात्र नेता और पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने पिछले सत्र का एक पत्र जारी कर वसूली के आरोपों के समर्थन में दस्तावेज होने का दावा किया है। उनके मुताबिक, कॉलेज के लेटरपैड पर 28 नवंबर 2025 को जारी इस पत्र पर प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र कुमार पांडे के हस्ताक्षर हैं। पत्र में सत्र 2025-26 की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए हार्डकॉपी जमा करने के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, 28 नवंबर 2025 से महाविद्यालय के छात्रवृत्ति काउंटर पर सुबह 9:30 से शाम 4:30 बजे तक बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए 40 रुपए शुल्क निर्धारित किए जाने का स्पष्ट उल्लेख है। दीपक उपाध्याय का कहना है कि यह पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महाविद्यालय में कभी बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए शुल्क निर्धारित नहीं किया गया तो प्राचार्य के हस्ताक्षर से जारी पत्र में 40 रुपए शुल्क का उल्लेख कैसे किया गया? इस बार निजी दुकानों पर सत्यापन कराने का आरोप दीपक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों से 70 से 100 रुपए तक लिए जा रहे हैं। उनका दावा है कि महाविद्यालय की आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर कॉलेज परिसर के बाहर स्थित निजी दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं की ओर से विरोध और हस्ताक्षर अभियान शुरू किए जाने के बाद कॉलेज परिसर में दोबारा काउंटर खोला गया है। हालांकि, वहां भी विद्यार्थी लाइन में खड़े रहने के बावजूद सत्यापन नहीं करा पा रहे हैं। दीपक उपाध्याय ने कहा कि महाविद्यालय अनुदानित संस्थान है। विद्यार्थियों से यदि एक रुपए का भी शुल्क लिया जाता है तो उसकी विधिवत रसीद दी जानी चाहिए। उन्होंने कॉलेज परिसर में सभी विद्यार्थियों के लिए निशुल्क बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही बिना रसीद वसूली गई रकम की जांच कर उसे विद्यार्थियों को वापस कराने की भी मांग उठाई। दोषी छात्र हों या कॉलेज प्रशासन, जांच के बाद हो कार्रवाई हस्ताक्षर अभियान में शामिल पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि जिलाधिकारी और राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की जाएगी। कमेटी विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन, दोनों पक्षों से बातचीत कर सच्चाई सामने लाए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई छात्र दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि कॉलेज प्रशासन या प्राचार्य की ओर से अनियमितता अथवा वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाए। जांच का उद्देश्य किसी को बचाना या बेवजह दोषी ठहराना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाकर जिम्मेदारी तय करना होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 710 छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर वाला बैनर शुक्रवार को जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इसे डीएम के माध्यम से राज्यपाल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि जांच कमेटी गठित हो सके। एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने पर छात्र व्यापक आंदोलन करेंगे। प्राचार्य बोले- न पिछले साल 40 रुपए लिए, न इस बार कोई शुल्क इस मामले में प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र कुमार पांडे ने अवैध वसूली के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में कोई भी शुल्क ऑफलाइन नहीं लिया जाता है। जब से उन्होंने प्राचार्य का कार्यभार संभाला है, तब से ऑफलाइन शुल्क जमा करने की व्यवस्था समाप्त है। विद्यार्थी कोई भी शुल्क ऑनलाइन जमा करते हैं और उन्हें उसकी रसीद भी ऑनलाइन ही मिलती है। प्राचार्य ने कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर वसूली का आरोप गलत है। महाविद्यालय में आकर देखा जा सकता है कि किसी भी छात्र से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। पिछले सत्र में 40 रुपए शुल्क निर्धारित किए जाने और इस सत्र में भी रकम लेने के आरोप पर उन्होंने कहा कि न तो पिछले साल 40 रुपए लिए गए थे और न ही इस साल कोई शुल्क लिया जा रहा है। वहीं, 710 विद्यार्थियों के हस्ताक्षर वाले अभियान के संबंध में उन्होंने कहा कि छात्रों ने किस मुद्दे पर हस्ताक्षर किए हैं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। ये हैं छात्र नेताओं की प्रमुख मांगें हस्ताक्षर अभियान और विरोध प्रदर्शन में दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव, आकाश चौधरी, निलेश बिन्द, विकास यादव, अंकित भारद्वाज, मुकेश चौधरी, अंकित यादव, राजू कुमार, सतीश चौधरी, मोहित यादव, मनोज राजभर, पुष्कर, अमन, आरती, देवेश, श्रेया, पिंकी, काजल, सोनी और चांदनी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

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