एएमयू में सजी 'जम्हूरियत की ईद':आज छह मिनट के भाषण में परखेंगे प्रत्याशियों का विजन; इसके बाद प्रचार पर पाबंदी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण और परंपरागत आयोजन फाइनल स्पीच शुरू हो गया है। यूनियन हॉल की छत पर सजा मंच, सामने हजारों छात्रों की मौजूदगी और ढोल-नगाड़ों के बीच प्रत्याशियों के जुलूस से पूरा कैंपस चुनावी रंग में डूबा है। एएमयू में इसे 'जम्हूरियत की ईद' कहा जाता है। आज सिर्फ प्रत्याशियों के भाषण नहीं होंगे, बल्कि उनके विचार, नेतृत्व की सोच और छात्र राजनीति को लेकर उनका विजन भी छात्रों के सामने होगा। भाषण सुनकर भीड़ तय करेगी किसका संदेश कितना असरदार यूनियन हॉल के सामने मैदान में छात्रों का हुजूम जुटा है। छात्राएं तालियों के जगह हाथों में स्टील के टिफिन लेकर बजाती नजर आईं। एक तरफ छात्र और दूसरी ओर अलग पंडाल में छात्राओं की बड़ी संख्या मौजूद है। प्रत्याशी समर्थकों के साथ जुलूस निकालते हुए ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच मंच तक पहुंच रहे हैं। भीड़ के सामने होने वाले इन भाषणों को छात्र ध्यान से सुनेंगे। प्रत्याशियों की बातों से उनकी सोच, नेतृत्व क्षमता, छात्रहित के मुद्दों पर समझ और भविष्य की योजनाओं का संदेश साफ होगा। किस प्रत्याशी के विचारों में कितनी स्पष्टता है और कौन अपनी बात कितने प्रभावी ढंग से रखता है, इसका आकलन भी इसी मंच से होगा। छह मिनट में रखना होगा पूरा विजन फाइनल स्पीच में प्रत्येक प्रत्याशी को पांच प्लस एक यानी कुल छह मिनट का समय दिया गया है। भाषण का विषय 'राष्ट्र निर्माण में छात्र नेताओं की भूमिका' निर्धारित किया गया है। प्रत्याशियों को इसी विषय पर अपनी बात रखनी है। उन्हें बताना होगा कि छात्र नेतृत्व केवल कैंपस की समस्याओं तक सीमित न रहकर राष्ट्र निर्माण और विकास में किस तरह अपनी भूमिका निभा सकता है। पहले सचिव, फिर उपाध्यक्ष और अध्यक्ष भाषण का क्रम निर्धारित किया गया है। सबसे पहले सचिव पद के प्रत्याशी संबोधित करेंगे। इसके बाद उपाध्यक्ष और अंत में अध्यक्ष पद के दावेदारों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। मंच पर सभी प्रत्याशी पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम देर शाम तक चलेगा। हर प्रत्याशी के लिए यह अपनी सोच और संदेश सीधे छात्र मतदाताओं तक पहुंचाने का आखिरी बड़ा अवसर है। आज के बाद प्रचार किया तो नामांकन पर संकट कार्यक्रम के संचालन के दौरान डॉ. शारिक अकील ने निर्वाचन संबंधी सख्त निर्देशों का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के बाद कोई कैंपेनिंग, प्रचार, रैली, सामूहिक रैली, जश्न या भाषण नहीं होगा। निर्वाचन टीम को कहीं भी इस तरह की गतिविधि होती मिली तो संबंधित प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने पर विचार किया जाएगा। यानी फाइनल स्पीच के साथ ही चुनाव प्रचार पर पूरी तरह विराम लग जाएगा। इनकी मौजूदगी में शुरू हुआ आयोजन कार्यक्रम की सदारत पूर्व छात्र नेता डॉ. नजर अब्बास कर रहे हैं। मंच पर प्रो.अहमद मुस्तफा, प्रॉक्टर प्रो. नफीस अंसारी, सीईओ प्रो. जावेद तालिब और गौहर अंसारी मौजूद हैं। संचालन डॉ. शारिक अकील कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत कारी अजमल ने तिलावते कुरान मजीद से की। वहीं तमाम लोग व प्रत्याशी ऊपर हैं। अब भाषणों के बाद मतदान की तैयारी एएमयू छात्रसंघ चुनाव में फाइनल स्पीच महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्याशियों और मतदाताओं के बीच सीधा संवाद है। यहां नारेबाजी और जुलूस के शोर से अलग प्रत्याशियों को अपने विचारों और योजनाओं के साथ सामने आना है। देर शाम तक चलने वाले इस आयोजन के बाद प्रचार थम जाएगा और सभी की निगाहें 5 नवंबर को होने वाले मतदान पर रहेंगी।
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