कपसाड़ कांड के पीड़ितों ने ट्रायल से पहले मांगी सुरक्षा:वादी नरसी ने SSP से कहा- आरोपी पारस के परिजन दबंग, ट्रायल का दिया हवाला
मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में मुकदमे का ट्रायल शुरू होने से पहले पीड़ित परिवार को जान का खतरा सता रहा है। पीड़ित परिवार ने बुधवार को SSP बीबी जीटीएस मूर्ति से मुलाकात कर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। मुकदमे के वादी नरसी कुमार ने आशंका जताई कि आरोपी पारस सोम पक्ष दबंग है और परिवार को आते-जाते नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने अदालत में गवाही देने के लिए जाते समय भी पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की मांग की। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। 23 अक्टूबर से शुरू हो रहा ट्रायल कपसाड़ कांड में 23 अक्टूबर से अदालत में ट्रायल शुरू होना है। ऐसे में पीड़ित परिवार को गवाही और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। बुधवार को SSP से मुलाकात के दौरान वादी नरसी कुमार ने अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उस समय एसपी देहात अभिजीत कुमार भी मौजूद थे। आरोपी पक्ष बना रहा समझौते का दबाव
नरसी ने बताया कि आरोपी पक्ष की ओर से समझौते की कोशिश किए जाने की जानकारी मिल रही है। उनका आरोप है कि तीसरे पक्ष के माध्यम से मुकदमे के अधिवक्ता तक समझौते का प्रस्ताव भी भेजा गया था, जिसे ठुकरा दिया गया। नरसी के मुताबिक, मुकदमे का ट्रायल शुरू होने और गवाहों के बयान दर्ज होने की प्रक्रिया के बीच परिवार की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि आरोपी पक्ष किसी भी हद तक जा सकता है। गवाही के दौरान सुरक्षा की उठाई मांग
वादी नरसी कुमार ने SSP से मांग की कि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से अदालत में गवाही देने के लिए आने-जाने के दौरान पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार बिना किसी भय के न्यायिक प्रक्रिया में शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि परिवार को सुरक्षा मिलने से ही वह निर्भीक होकर अदालत में अपनी बात रख सकेगा। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने सुरक्षा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। 23 अक्टूबर से शुरू होगा केस ट्रायल
कपसाड़ कांड सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का चर्चित मामला है। इस प्रकरण में सुनीता जाटव की हत्या और उनकी बेटी रूबी को अगवा किए जाने का आरोप पारस सोम पर है। अब 23 अक्टूबर से अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू होनी है। ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान दर्ज होने सहित न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में पीड़ित परिवार ने सुनवाई शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद है पारस
8 जनवरी की यह घटना है। 48 घंटे के भीतर पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया था। रूबी काउंसलिंग के बाद अपने परिजनों के साथ चली गई लेकिन अदालत ने आरोपी पारस सोम को जेल भेज दिया। तभी से पारस सोम जेल की सलाखों के पीछे बंद है। हालांकि कुछ समय पारस ने बाल संप्रेषण गृह में भी समय बिताया था।
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