ममता-राहुल की फोन पर बात, बोलीं- हम साथ हैं, लक्ष्य एक
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर निर्वाचन आयोग की अंतरिम रोक के बाद ममता बनर्जी और राहुल गांधी के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसी बीच नंदीग्राम उपचुनाव में ममता खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
दि राइजिंग न्यूज | कोलकाता | 18 सितंबर 2026
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार रात कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने का निर्देश दिया था।
ममता ने राहुल से कहा- हम साथ हैं
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों साथ हैं और उनका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाना है। बातचीत में विपक्षी दलों के बीच समन्वय और पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होने की बात कही गई है। हालांकि, इस बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में सामने आई बातों को सूत्रों के हवाले से कही गई जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चिह्न पर आयोग की रोक
निर्वाचन आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। आयोग के अनुसार, दोनों गुट पार्टी पर अपना अधिकार होने का दावा कर रहे हैं और आगामी उपचुनावों से पहले इस विवाद का अंतिम निपटारा संभव नहीं था। इसलिए दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्न देने की व्यवस्था की गई।
दोनों गुटों को मिले अलग नाम और चुनाव चिह्न
18 सितंबर को निर्वाचन आयोग ने दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के संदर्भ में लागू की गई है, जबकि मूल नाम और चिह्न को लेकर अंतिम फैसला बाद की प्रक्रिया में होना है।
नंदीग्राम में ममता खेमे की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने शुक्रवार को अपने पति के साथ पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय नबान्न पहुंचकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने चुनावी मैदान से अपना नामांकन वापस ले लिया। उनके नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में ममता खेमे के उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम नहीं रहेगा।
राहुल गांधी ने भी दी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर लगी रोक को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल ममता बनर्जी या किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले राजनीतिक दलों तथा मतदाताओं से जुड़ा विषय है। राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आयोग पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ये आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरण
नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद और निर्वाचन आयोग का अंतरिम फैसला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है। आयोग की नई व्यवस्था के कारण दोनों गुटों को अलग-अलग पहचान के साथ चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ना होगा। नंदीग्राम में ममता खेमे की उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना इस पूरे घटनाक्रम की एक और अहम कड़ी बन गया है।
ममता और राहुल की बातचीत क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है
ममता बनर्जी और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत ऐसे समय सामने आई है, जब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद जारी है। बातचीत में दोनों नेताओं के बीच विपक्षी समन्वय और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच भविष्य में किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते या गठबंधन को लेकर इस बातचीत से कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी मुख्य रूप से बातचीत और उसमें कही गई बातों तक सीमित है।
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