मणिलाल पाटीदार के भ्रष्टाचार मामले में 3 घंटे हुई जिरह:बांदा में 23 नवंबर को अगली सुनवाई, पेश नहीं हुए थे पूर्व IPS
बांदा में बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में बृहस्पतिवार को विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान वादी रविकांत त्रिपाठी से करीब तीन घंटे तक जिरह की गई, लेकिन समय पूरा होने के कारण यह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान मणिलाल पाटीदार अदालत में पेश नहीं हुए। उनकी ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। वहीं, आरोपित दारोगा देवेंद्र शुक्ला, सुरेश सोनी और कांस्टेबल अजय अदालत पहुंचे और अपनी हाजिरी दर्ज कराई। तत्कालीन एसओ देवेंद्र शुक्ला के अधिवक्ता अशोक दीक्षित ने वादी रविकांत त्रिपाठी से जिरह की। अगली तारीख पर भी उनसे जिरह जारी रहेगी। क्रशर कारोबारी से छह लाख रुपए मांगने का आरोप यह मामला महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत और उनसे कथित रिश्वत मांगने से जुड़ा है। आरोप है कि तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने क्रशर कारोबार चलाने के एवज में इंद्रकांत से हर महीने छह लाख रुपये मांगे थे। उन पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इंद्रकांत ने 7 सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने से संबंधित वीडियो प्रसारित किया था। इसके अगले दिन 8 सितंबर को उन्हें गोली लगी थी। 13 सितंबर 2020 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। 2021 में दर्ज हुआ था भ्रष्टाचार का मुकदमा इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर मणिलाल पाटीदार और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई पहले लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण अदालत में चल रही थी। बाद में इसे बांदा स्थानांतरित कर दिया गया। मणिलाल पाटीदार पिछली दो सुनवाई की तारीखों 8 और 26 अक्टूबर को भी अदालत में पेश नहीं हुए थे। शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने बताया कि मामले में वादी से जिरह जारी है।
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