मऊ में दहेज हत्या के मामले में पति को जेल:कोर्ट ने 5 को पाया दोषी, सभी को 10-10 साल की सजा, 40-40 हजार का जुर्माना भी

Oct 29, 2026 - 20:34
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मऊ में दहेज हत्या के मामले में पति को जेल:कोर्ट ने 5 को पाया दोषी, सभी को 10-10 साल की सजा, 40-40 हजार का जुर्माना भी
मऊ में दहेज हत्या और सबूत मिटाने के मामले में अदालत ने पति, सास, ससुर, देवर और ननद को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अजय कुमार श्रीवास्तव ने पांचों दोषियों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला 11 दिसंबर 2014 का है। रानीपुर थाना क्षेत्र के खिरिया गांव में सावित्री की मौत हो गई थी। कैथवली गांव की रहने वाली उनकी मां शकुंतला गुप्ता ने रानीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि सावित्री की शादी 2011 में खिरिया गांव के रहने वाले लुटावन गुप्ता के बेटे किशन उर्फ कृष्णा गुप्ता से हुई थी। प्राथमिकी के मुताबिक, शादी के बाद से ही किशन उर्फ कृष्णा, उसके पिता लुटावन, मां मनीषा देवी, भाई कपूरचंद और बहन सुनीता दहेज की मांग को लेकर सावित्री को परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। आरोप था कि 11 दिसंबर 2014 को सावित्री की हत्या कर शव पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया। शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। मामले में रानीपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार पांडेय ने पीड़ित पक्ष की पैरवी की। अदालत ने किशन उर्फ कृष्णा गुप्ता, उसके पिता लुटावन गुप्ता, मां मनीषा उर्फ मंशा देवी, बहन सुनीता और भाई कपूरचंद गुप्ता को दोषी ठहराया। सभी खिरिया गांव, थाना रानीपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। अदालत ने पांचों को 10-10 साल के कठोर कारावास और 40-40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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