नीट री एग्जाम सुरक्षा के लिए वायुसेना तैनात
नीट री एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और लीक मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। पहली बार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है। 18 महत्वपूर्ण स्थानों से प्रश्नपत्र एयरलिफ्ट किए जाएंगे, जबकि पेपर सेटर और अनुवादकों को 21 जून तक कड़े आइसोलेशन में रखा गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 9 जून 2026
नीट री एग्जाम को सुरक्षित बनाने की बड़ी तैयारी
देशभर में नीट परीक्षा को लेकर हुए विवादों और पेपर लीक के मामलों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने आगामी नीट री एग्जाम के लिए बेहद सख्त और अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और लीक मुक्त बनाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की सेवाएं ली जा रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और समय पर वितरण के लिए भारतीय वायुसेना लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करेगी। सरकार का उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता को मजबूत करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त करना है।
अठारह महत्वपूर्ण स्थानों से एयरलिफ्ट होंगे प्रश्नपत्र
इस बार प्रश्नपत्रों के परिवहन की जिम्मेदारी किसी निजी कूरियर या सामान्य डाक व्यवस्था को नहीं सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भारतीय वायुसेना देश के 18 महत्वपूर्ण स्थानों से प्रश्नपत्रों के पैकेट अपनी निगरानी में लेगी। वायुसेना इन पैकेटों को तय समय के अनुसार सुरक्षित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों तक अनधिकृत पहुंच की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
पेपर लीक माफियाओं पर लगेगी लगाम
सरकारी अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्षों में सामने आए कई मामलों में प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिशें हुई थीं। इस बार वायुसेना की भागीदारी का मुख्य उद्देश्य ऐसे सॉल्वर गैंग और पेपर लीक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि वायुसेना की निगरानी में होने वाली यह प्रक्रिया परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों को मजबूत करेगी तथा छात्रों का भरोसा बहाल करेगी।
पेपर सेटर और अनुवादक कड़े आइसोलेशन में
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेशन टीम और हिंदी अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद करने वाले विशेषज्ञों को एक गुप्त और अत्यधिक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इन सभी विशेषज्ञों को सख्त आइसोलेशन में भेज दिया गया है और यह व्यवस्था 21 जून को परीक्षा समाप्त होने तक जारी रहेगी। इस दौरान वे किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकेंगे।
मोबाइल इंटरनेट और स्मार्टवॉच पर पूरी तरह रोक
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में विभाजित किया गया है। गुप्त परिसर में मौजूद सभी विशेषज्ञों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य व्यक्तिगत संचार उपकरणों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। परिसर में इंटरनेट उपयोग पर भी कड़ा नियंत्रण रखा गया है। यहां तक कि स्मार्टवॉच के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। परिसर में आने और जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निगरानी और दस्तावेजी रिकॉर्ड रखा जा रहा है। केवल अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है।
बाईस लाख से अधिक अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी
मई में आयोजित परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सख्त व्यवस्थाओं के माध्यम से परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादमुक्त तरीके से संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।