पेड़ के विवाद में हत्या, दोषी को 10 साल कैद:1.50 लाख रुपए जुर्माना, मां-बाप को 10 लाख, घायलों को 5-5 लाख रुपए मिलेंगे

Nov 07, 2026 - 20:14
0
पेड़ के विवाद में हत्या, दोषी को 10 साल कैद:1.50 लाख रुपए जुर्माना, मां-बाप को 10 लाख, घायलों को 5-5 लाख रुपए मिलेंगे
बिजनौर में यूकेलिप्टस के पेड़ों के मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। एफटीसी द्वितीय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली ने बढ़ापुर क्षेत्र के भूपेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए उस पर 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। वहीं, मामले के तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। माता-पिता को 10 लाख रुपए का मुआवजा अदालत ने दोषी भूपेंद्र सिंह को 20 वर्षीय मृतक गोविंद सिंह के बुजुर्ग माता-पिता को 10 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। इसके अलावा घटना में घायल गुरदीप सिंह और बूटा सिंह को पांच-पांच लाख रुपए देने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यदि दोषी 10 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति अदा नहीं करता है तो उसे तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ऐसे में उसे कुल 13 साल तक जेल में रहना पड़ सकता है। पेड़ों के मालिकाना हक को लेकर हुआ था विवाद एडीजीसी अजीत पंवार और प्रमोद शर्मा ने बताया कि बढ़ापुर क्षेत्र के कुआ खेड़ी खदरी निवासी जीत सिंह पुत्र हुकुम सिंह ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके बड़े भाई गुरदीप सिंह का पड़ोसी भूपेंद्र सिंह पुत्र प्रीतम सिंह से खेत में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ों को लेकर विवाद चल रहा था। 3 दिसंबर 2023 की दोपहर भूपेंद्र सिंह पेड़ों पर अपना मालिकाना हक जताने लगा। गुरदीप सिंह ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि भूपेंद्र सिंह ने गुरदीप को गाली दी और रिवॉल्वर निकालकर गोली मार दी। इससे वह घायल हो गया। गोली चलने और शोर सुनकर गुरदीप के परिजन मौके पर पहुंच गए। गोविंद को पकड़कर मारी थी गोली इसी दौरान गोविंद सिंह भी मौके पर पहुंचा। आरोप है कि वहां मौजूद ज्ञान सिंह पुत्र रमेश, जीवन सिंह उर्फ जोवनदीप और गुरजंट पुत्र अंग्रेज ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भूपेंद्र सिंह ने गोविंद को गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के पहुंचने पर बूटा सिंह और वीरू देवी को भी गोली मारकर और लाठी-डंडों से घायल करने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई थी। 13 गवाहों ने की घटना की पुष्टि पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच की थी। भूपेंद्र सिंह की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल रिवॉल्वर बरामद किया गया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर भूपेंद्र सिंह को हत्या का दोषी ठहराया। वहीं, ज्ञान सिंह, जीवन सिंह उर्फ जोवनदीप और गुरजंट को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User