राम मंदिर चढ़ावा चोरी- सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाएं निपटाईं:निचली अदालत में चलेगा मुकदमा, SIT अयोध्या कोर्ट में दाखिल कर चुकी चार्जशीट
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत में चलने वाले मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपनी बात रखने और कार्यवाही में सहायता करने की अनुमति दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के आरोपों की सच्चाई पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अब मामले की आगे की सुनवाई अयोध्या की निचली अदालत में होगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले में अयोध्या की निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस जानकारी पर संज्ञान लिया। यूपी सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर पैसे अपने पास रख लिए थे। इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राइमरी जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं थीं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखे थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी SIT बनाई गई। जिसने जांच की। फिर SIT ने 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी। जुलाई में जारी हुए थे नोटिस चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिकाएं दाखिल की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, यूपी सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं में RJD सांसद सुधाकर सिंह, वकील एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। 25 जून को 8 लोगों पर दर्ज हुई थी FIR, सभी जेल में रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसका इस्तेमाल करने में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। सभी फैजाबाद जेल में बंद हैं। पुलिस ने आरोपियों की बताई अलग-अलग भूमिका पुलिस के मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी की गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपए की रिकवरी हुई थी। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें
योगी बोले-हनुमान भक्त बाबर की औलादों को जवाब देंगे:नितिन नवीन ने CM की तारीफ की, कहा- यूपी को उत्तम प्रदेश बनाया मेरठ में सीएम योगी ने सोमवार को कहा- सपा और कांग्रेस ने प्रदेश को परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी है। सपा को सनातन का बैर है। राम का नाम लेने से उन्हें उतनी ही चिढ़ होती थी, जितनी बाबर को थी। इसलिए आपको ही सब तय करना है। बाबर के अनुयायियों का जवाब केवल बजरंगबली ही दे सकते हैं। हनुमान भक्त ही ये काम कर सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर
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