साइबर ठगों ने सहायक शिक्षक से 29.17 लाख रुपये ठगे:हापुड़ में IRDAI अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने लगाया चूना
हापुड़ में साइबर ठगों ने बंद बीमा पॉलिसी का प्रीमियम ब्याज समेत लौटाने का झांसा देकर एक सहायक शिक्षक से 29.17 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का अधिकारी बताया। उन्होंने भरोसा जीतने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी पहचान पत्र और पैसे लौटाने के चालान भेजे। ठगी का पता चलने पर शिक्षक दिल्ली स्थित IRDAI मुख्यालय पहुंचे। वहां जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। उनकी शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हर्ष विहार निवासी वेद प्रकाश बरेली जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। दो किस्तें जमा करने के बाद वह आगे भुगतान उन्होंने मई 2023 में फ्यूचर जनरली की बीमा पॉलिसी ली थी। सालाना 54,610 रुपये प्रीमियम वाली इस पॉलिसी की दो किस्तें जमा करने के बाद वह आगे भुगतान नहीं कर सके। आरोप है कि 26 जनवरी 2026 को रोहित शर्मा नाम के व्यक्ति ने फोन किया। उसने खुद को हैदराबाद स्थित IRDAI मुख्यालय का अधिकारी बताया और पॉलिसी बंद कर जमा रकम ब्याज समेत लौटाने का झांसा दिया। रोहित ने पहले 5,600 रुपये निरस्तीकरण शुल्क मांगा। बाद में टैक्स और प्रशासनिक शुल्क के नाम पर अलग-अलग खातों में कुल 14.38 लाख रुपये जमा कराए। 9.86 लाख रुपये और ले लिए इसके बाद 13 मार्च को नकुल सिंह ने खुद को नया प्रभारी बताया और 9.86 लाख रुपये और ले लिए। उसने 20 अप्रैल तक 35.85 लाख रुपये लौटाने का फर्जी चालान भी भेजा। 12 जुलाई को साहुल शाहीन ने नया प्रभारी बनकर 1.77 लाख रुपये जमा कराए। फिर 7 सितंबर को स्वाति गुप्ता नाम की महिला ने खुद को शाखा प्रबंधक बताया और 2.93 लाख रुपये और जमा करा लिए। 9 अक्टूबर को दिल्ली स्थित IRDAI मुख्यालय पहुंचे उसने 44.38 लाख रुपये लौटाने का फर्जी चालान भेजा। इसके बाद आरोपियों ने 68,004 रुपये और मांगे तो शिक्षक को शक हुआ। वह 9 अक्टूबर को दिल्ली स्थित IRDAI मुख्यालय पहुंचे, जहां चालान फर्जी पाए गए। पुलिस बैंक खातों और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है। थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
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