संभल में सुहागिनों ने चांद देखकर करवा चौथ व्रत खोला:मंदिरों में सामूहिक पूजन किया, सपा विधायक पिंकी यादव ने पति के साथ पूजा की, लोगों ने आतिशबाजी भी छोड़ी

Oct 29, 2026 - 22:47
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संभल में सुहागिनों ने चांद देखकर करवा चौथ व्रत खोला:मंदिरों में सामूहिक पूजन किया, सपा विधायक पिंकी यादव ने पति के साथ पूजा की, लोगों ने आतिशबाजी भी छोड़ी
संभल में गुरुवार को करवा चौथ का त्योहार मनाया गया। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम 7 बजे पूजा की और रात 8:32 बजे छलनी से चांद और पति का चेहरा देखकर व्रत खोला। इसके बाद पतियों ने पानी पिलाकर व्रत खुलवाया। असमोली की सपा विधायक पिंकी यादव ने भी पति प्रमोद यादव के साथ पूजा की। बादलों और बूंदाबांदी के कारण चांद के दर्शन में देरी चांद निकलने के समय मौसम बदल गया। बूंदाबांदी होने और बादल छाने के कारण जिले के कई इलाकों में चांद करीब आधे घंटे तक बादलों में छिपा रहा। महिलाओं को चांद के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने दीपावली की तरह आतिशबाजी भी की। महिलाएं सुबह से ही करवा चौथ की तैयारियों में जुट गई थीं। बाजारों में सौंदर्य प्रसाधन, बिछुए और शृंगार की अन्य चीजें खरीदने के लिए भीड़ रही। महिलाओं ने घरों में पकवान बनाए और शाम को पूजा की। चांद दिखने पर दीपक जलाकर छलनी से पहले चांद और फिर पति के दर्शन किए। इसके बाद परिवार की बड़ी महिलाओं को बायना देकर उनका आशीर्वाद लिया। महिला मंडल मंदिर में सामूहिक पूजा संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ठेर स्थित महिला मंडल मंदिर में महिलाओं ने सामूहिक पूजा की। उन्होंने भगवान गणेश, भगवान शिव और माता गौरी की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान किरन गर्ग ने करवा चौथ की कथा सुनाई। महिलाओं ने भजन-कीर्तन भी किया। प्रिया गर्ग ने कहा, “मेरा करवा चौथ का आज दूसरा व्रत है। मैंने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा है।” रुचि ने कहा कि महिलाएं इस दिन का पूरे साल इंतजार करती हैं। उन्होंने शाम को कथा सुनी और चांद देखकर व्रत खोला। अन्य महिलाओं ने कहा कि सनातन परंपरा में सुहागिनें पति की लंबी उम्र की कामना के साथ यह व्रत रखती हैं। चांद के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। पंजाबी मंदिर और दुर्गा कॉलोनी में भी हुई पूजा मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित सनातन धर्म पंजाबी मंदिर में भी करवा चौथ की पूजा हुई। महिलाओं ने माता गौरी की पूजा करने के साथ भजन-कीर्तन किया। रात में चांद दिखने पर उन्होंने छलनी से चांद और पति का चेहरा देखा, फिर व्रत खोला। दुर्गा कॉलोनी में भी महिलाओं ने सामूहिक पूजा कर व्रत पूरा किया।

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