तीन अलग-अलग तरीके से 23.38 लाख की ठगी:लोन दिलाने के नाम पर कारोबारी से 12 लाख की ठगी, ग्रीन गैस का कर्मचारी बनकर ऐंठी रकम
लखनऊ में साइबर ठगों ने सरकारी ठेके पर निर्माण कार्य करने वाली कंपनी के निदेशक को बैंक से बड़ा बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर 12 लाख रुपए ठग लिए। आरोपित ने खुद को बैंक डीएसए बताकर कारोबारी से संपर्क किया था। ग्रीन गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगों ने महिला से 6.40 लाख ऐंठ लिए। वहीं तीसरे मामले में जालसाज ने कॉल करके बोला ग्रीन गैस कनेक्शन अपडेट नहीं है। उसी दिन अपडेट नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी और रुपए ऐंठ लिए। फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी सौभाग्य Oikoshrem Infratech Limited के निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी को सरकारी निर्माण कार्यों के लिए फंड की जरूरत थी। इसके लिए वह कई बैंकों और एनबीएफसी से संपर्क कर रहे थे। इसी दौरान अप्रैल में राजकुमार बाजपेयी नाम के व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक डीएसए बताया। उसने कई बैंकों से बड़े बिजनेस लोन कराने का दावा किया। जालसाज ने लोन दिलाने के नाम पर एचडीएफसी सिक्योरिटीज में डीमैट अकाउंट खुलवाया। कहा कि इसमें गोल्ड बॉन्ड लीज पर ट्रांसफर किए जाएंगे, जिसके आधार पर बैंक से लोन मिल जाएगा। इसके बदले ब्याज के अतिरिक्त गोल्ड बॉन्ड पर 5-6 प्रतिशत सालाना ब्याज और प्रोसेसिंग, लीज व ब्रोकरेज फीस देनी होगी। पीड़ित के मुताबिक, उसने 5 मई को एक लाख, 6 मई को दो ट्रांजैक्शन में सात लाख और 28 मई को दो ट्रांजैक्शन में दो लाख रुपये आरोपित के खाते में ट्रांसफर किए। अकाउंट में गोल्ड बॉन्ड दिखाई देने लगे सितंबर में आरोपित ने डीमैट अकाउंट में नौ करोड़ रुपए के गोल्ड बॉन्ड दिखाए। इसके लिए उसने पीड़ित से अकाउंट की आईडी और पासवर्ड भी ले लिया था। कुछ देर बाद अकाउंट में गोल्ड बॉन्ड दिखाई देने लगे। इसके बाद आरोपित ने बैंक में कमीशन देने के नाम पर दो लाख रुपये नकद और मांगे। पीड़ित का दावा है कि इसके बदले उसे लोन प्रोसेसिंग एग्रीमेंट और 12 लाख रुपये का सिक्योरिटी चेक दिया गया। कुछ दिन बाद डीमैट अकाउंट से गोल्ड बॉन्ड गायब हो गए। इसके बाद अकाउंट भी ब्लॉक हो गया। आरोपित लगातार लोन दिलाने के नाम पर टालमटोल करता रहा। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि फर्जी ऐप और वेबसाइट के जरिए डीमैट अकाउंट में डमी गोल्ड बॉन्ड दिखाकर उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। ग्रीन गैस कनेक्शन का बताकर मोबाइल हैक किया हिंद नगर निवासी प्रीति मोतियानी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से साइबर ठगों ने 6.04 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़िता के मुताबिक, 29 अक्टूबर को दोपहर 12:17 बजे बैंक से पांच लाख रुपये कटने का मैसेज आया। बैंक ने फोन कर ट्रांजैक्शन की पुष्टि मांगी तो उन्होंने किसी भी लेनदेन से इनकार करते हुए खाता ब्लॉक करने को कहा। हालांकि, खाता ब्लॉक होने से पहले ठगों ने कई और ट्रांजैक्शन कर दिए। इनमें स्विगी के नाम पर 10 हजार, पेटीएम गोल्ड के नाम पर 9,500, दो पीओएस ट्रांजैक्शन में 25 हजार और 10 हजार, डिस्ट्रिक्ट के नाम पर 25 हजार और 15 हजार तथा बीओबी डिजिटल रुपया वॉलेट से 10 हजार रुपए शामिल हैं। पीड़िता ने बताया कि सभी मिलाकर 6,04,500 रुपए खाते से निकाले गए। उन्होंने 1930 पर शिकायत भी दर्ज कराई। पीड़िता के मुताबिक, 27 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने ग्रीन गैस पाइपलाइन का अधिकारी बनकर संपर्क किया था। उसने फोन में कंपनी का एप डाउनलोड करने को कहा था। बाद में साइबर सेल पहुंचने पर मोबाइल हैक होने की जानकारी मिली। 13 रुपये का भुगतान कराया, खातों से 5.34 लाख उड़ाए गोमतीनगर के वस्तुखंड निवासी कौशलेंद्र सिंह को 28 अक्टूबर को एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप पर ग्रीन गैस का लोगो लगी डीपी वाले नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बोला जालसाज ने कॉल करके बोला ग्रीन गैस कनेक्शन अपडेट नहीं है। उसी दिन अपडेट नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी। जालसाज ने एपीके फाइल भेजकर 13 रुपए का भुगतान करने को कहा। पीड़ित ने लिंक पर क्लिक कर भुगतान किया तो उनके मोबाइल से जुड़े बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से रकम निकलने लगी। पीड़ित के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक खाते से 24,510 रुपये, एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड से 4,94,914.70 रुपये और एसबीआई खाते से 15 हजार रुपये निकाल लिए गए। कुल 5,34,424.70 रुपये की ठगी हुई। मामले में कार्यवाहक साइबर थाना प्रभारी शमीम अहमद का कहना है मुकदमे दर्ज करके ट्रांजैक्शन चेन देखी जा रही है।
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