15 साल का हुआ संभल जिला:मायावती सरकार ने भीमनगर नाम रखा, अखिलेश गवर्नमेंट ने 2012 में संभल किया, अब तक नहीं बना जिला मुख्यालय
संभल को जिला बने आज से 15 साल हो गए हैं। बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 28 सितंबर 2011 को जनपद भीमनगर की घोषणा की। जिला मुख्यालय केंद्र बिंदु पर बनाने की घोषणा की गई लेकिन वर्तमान स्थिति में जिला मुख्यालय गांव फतेहपुर शरीफ और आनंदपुर में बन रहा है। जो मंजिला इंटीग्रेटेड जिला मुख्यालय का निर्माण चल रहा है। एक ही मंजिल के नीचे जनता को सारी सुविधाएं मिलेंगी।15 वर्षों में विकास प्रगति देखने को मिली है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन हुआ और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 10 महीने बाद 23 जुलाई 2012 को जनपद का नाम बदलकर संभल कर दिया। 7 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालय का शिलान्यास किया है, हालांकि वर्ष 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद 2018 में जिला मुख्यालय की घोषणा कर दी गई थी। दो तस्वीरें देखिए आंदोलन के बाद मिल रहा जिला मुख्यालय जनपद के सर्जन को 15 वर्ष पूरे हो गए हैं और एक लंबे संघर्ष के बाद जिला मुख्यालय बनने की राह आसान हुई है। जनपद का नाम संभल किया गया तो चंदौसी बहजोई और गुन्नौर में इसको लेकर प्रदर्शन किए गए, लेकिन सपा सरकार में बदल गया जनपद का नाम बीजेपी सरकार 9 साल पूरे होने के बाद भी वहीं रहा। संभल, चंदौसी, बहजोई के लोग जिला मुख्यालय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं। संभल में ऐतिहासिक बंदी देखी गई, चंदौसी चौराहे पर जिला मुख्यालय की मांग को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की, वहीं हिंदू समुदाय के लोगों ने महाआरती का आयोजन किया। 19 नवंबर 2024 को सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में हिंदू पक्ष ने संभल के विवादित धार्मिक स्थल शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिरों का दावा पेश किया। 24 नवंबर 2024 को सर्वे हुआ और हिंसा भड़क गई, पांच लोगों की मौत हो गई। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इक़बाल महमूद के पुत्र सुहैल इक़बाल सहित 2750 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। 24 मार्च 2025 को पुलिस ने मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत के बाद 131 दिन के बाद 1 अगस्त को मुरादाबाद की जेल से रिहाई हुई। ब्लॉक बहजोई क्षेत्र के गांव आनंदपुर गांव में अत्याधुनिक पुलिस लाइन का निर्माण तेज गति से चल रहा है। यह काम 88 से 91 एकड़ भूमि पर जारी है, जिसमें अस्पताल, बैरक, आवास और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। वर्तमान में पुलिस लाइन मंडी समिति में अस्थायी तौर पर संचालित होती है। संभल के गांव भवन में जेल के लिए जमीन क्रय की जानी है। इसके लिए शासन स्तर से धनराशि जारी हो चुकी है। अभी जिले के मुलजिम मुरादाबाद जेल भेजे जाते हैं, जिससे काफी दुश्वारियां होती है और मुरादाबाद से इसकी दूरी 50 किलोमीटर है। संभल जिले का नया 100 बेड का जिला अस्पताल बहजोई क्षेत्र के गांव फतेहपुर शरीफ नगर में जिला मुख्यालय (कलक्ट्रेट) परिसर के पास बनाया जाना है। पांच एकड़ भूमि में यह निर्माण किया जाना है। इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस जिला अस्पताल के भवन में नर्सों का हॉस्टल, पोस्टमार्टम हाउस, तीमारदारों के लिए आश्रय स्थल, पार्किंग आदि की पूरी व्यवस्था रहेगी। संभल का कॉमन फैसिलिटी सेंटर 10 करोड़ की लागत से पिछले वर्ष से शुरू हो गया। इसका शुभारंभ होने के बाद से जिले के हस्तशिल्प उत्पादों को संवारा जा रहा है। बटन तैयार कर निर्यात किए जा रहे हैं। इससे निर्यातकों को बड़ा लाभ मिला है। जिले के बहजोई क्षेत्र के भरतरा गांव में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से 12 बीघा जमीन बीघा जमीन पर खेल स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। 50 प्रतिशत कार्य हो चुका है। अगले वर्ष तक इसकी भी सौगात युवाओं को मिलने की उम्मीद है। 29 अप्रैल 2026 को 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हुआ। इसका करीब 38.65 किमी हिस्सा जिले से गुजरता है। इससे जिले को मेरठ, लखनऊ और प्रयागराज की ओर तेज सड़क कनेक्टिविटी मिली है। संभल की धार्मिक पहचान से जुड़े 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के लिए करीब 303 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई है। करीब 50 किमी मार्ग को विकसित किया जाना है और यह 38 गांवों से होकर गुजरेगा। सड़क चौड़ीकरण, पैदल पटरी और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
संभल जिले का इतिहास
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