आशा कार्यकर्ताओं ने FIR रद्द करने की मांग की:देवरिया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर 4 मांगों का ज्ञापन सौंपा; मुकदमे को बताया निराधार

Nov 03, 2026 - 15:01
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आशा कार्यकर्ताओं ने FIR रद्द करने की मांग की:देवरिया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर 4 मांगों का ज्ञापन सौंपा; मुकदमे को बताया निराधार
देवरिया में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन संबद्ध ऐक्टू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें आलमबाग थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने समेत चार मांगें रखीं। बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान और मानदेय बढ़ाने की मांग भी की। ज्ञापन के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में यूनियन की 13 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद आशा कर्मियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। सहमतियों को लागू कराने के लिए 23 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में कार्यक्रम हुआ था। यूनियन का दावा है कि मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों से सकारात्मक बातचीत के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हुआ। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी मामले में ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, देवानंद, राजेश सिंह और कमला गौतम के साथ आइसा के छात्र नेताओं मनीष कुमार और भानु के खिलाफ आलमबाग थाने में एफआईआर संख्या 0156 दर्ज की गई। यूनियन ने मुकदमे को निराधार बताते हुए ईको गार्डन के सीसीटीवी फुटेज की जांच और एफआईआर रद्द करने की मांग की। ज्ञापन में आशा कर्मियों की बकाया प्रोत्साहन राशि के साथ एलएसवाई और टीवीआई आदि का पूरा भुगतान पारदर्शी तरीके से करने की मांग भी शामिल है। यूनियन ने आशा के अंशदान में 4,500 रुपए की बढ़ोतरी, प्रोत्साहन राशि में 50 प्रतिशत इजाफा, मातृत्व अवकाश और साप्ताहिक व त्योहारों की छुट्टी देने की मांग रखी। यूनियन ने प्रदेश के सभी गांवों में आशा, संगिनी और एएनएम को टीकाकरण समेत अन्य कामों के लिए कक्ष देने की मांग की। प्रदर्शन में जिला महामंत्री नम्रता मालवीय, सचिव शिमला सिंह, शिवकुमारी, रंजना देवी, मीरा देवी, रामवती देवी, सुमन और पूनम देवी समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहीं।

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