अनिल सिंह ने बयान से पीछे हटने से इनकार किया:उन्नाव में बोले- बयान वापस नहीं लूंगा, कार्यकर्ताओं से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं

Nov 07, 2026 - 11:33
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अनिल सिंह ने बयान से पीछे हटने से इनकार किया:उन्नाव में बोले- बयान वापस नहीं लूंगा, कार्यकर्ताओं से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं
उन्नाव में पुरवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल सिंह एक बार फिर अपने जातिगत बयान को लेकर चर्चा में हैं। बयान पर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने शनिवार को साफ कहा कि वह अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगे। विधायक ने कहा कि किसी भी जाति का व्यक्ति हो, यदि वह भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाएगा या उनके साथ बदसलूकी करेगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट न देना या किसी के खिलाफ चुनाव लड़ना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कार्यकर्ताओं को धमकाना और उनके साथ अभद्रता करना विरोध नहीं, बदतमीजी है। विधायक ने ठाकुर, ब्राह्मण, पासी, लोधी और प्रजापति समेत कई जातियों का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने किसी एक समाज को निशाना नहीं बनाया है। वीडियो काटकर प्रसारित करने का आरोप विधायक ने आरोप लगाया कि उनके बयान का वीडियो काटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उन्होंने लोगों से पूरा वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि वह सभी जातियों की बात कर रहे थे। उन्होंने दोहराया कि वह अपने बयान को वापस नहीं लेंगे। महाभारत के प्रसंग से समझाया अपना पक्ष अनिल सिंह ने अपने बयान में महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि जब अर्जुन युद्ध के मैदान में अपने परिवार और रिश्तेदारों को सामने देखकर विचलित हुए थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें धर्म के लिए लड़ने का संदेश दिया था। विधायक ने कहा कि इस प्रसंग के जरिए वह समझाना चाहते हैं कि रिश्तों और मोह से ऊपर उठकर कर्तव्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उदाहरण में अपनी जाति के लोगों और रिश्तेदारों को भी शामिल कर रहे थे। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में विरोध करना गलत नहीं है, लेकिन धमकी और अभद्रता स्वीकार नहीं की जा सकती। राहुल लोधी को पुरवा से चुनाव लड़ने की चुनौती जातिगत राजनीति पर निशाना साधते हुए विधायक ने राहुल लोधी और उत्तम लोधी का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल लोधी को चुनौती दी कि यदि उनमें राजनीतिक ताकत है तो रायबरेली की हरचंदपुर विधानसभा सीट छोड़कर पुरवा से चुनाव लड़कर दिखाएं। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग लोधी समाज के नाम पर राजनीति कर रहे हैं और समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। 2017 के चुनाव का भी किया जिक्र अनिल सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भाजपा की लहर थी और पार्टी ने 325 सीटें जीती थीं। इसके बावजूद पुरवा से भाजपा प्रत्याशी उत्तम लोधी चुनाव हार गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय लोधी समाज के हितों और कथित शोषण का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र में उनकी अपनी जाति के लोग भी उनसे नाराज हो सकते हैं, लेकिन वह जाति के आधार पर राजनीति नहीं करते। बोले- जाति नहीं, काम के आधार पर मांगते हैं वोट अनिल सिंह ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार पुरवा से चुनाव लड़ा था, तब लोगों ने उनसे कहा था कि क्षेत्र में उनकी जाति का वोट नहीं है, इसलिए वह चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इसके बावजूद उन्होंने जाति के बजाय विकास और काम के नाम पर वोट मांगे। उन्होंने भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' और 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सभी वर्गों की सेवा करना है। विधायक ने कहा कि गरीब और अमीर के अलावा कोई दूसरी जाति नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि करीब 10 साल के राजनीतिक कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र से गुंडागर्दी और दबंगई करने वालों का वर्चस्व खत्म करने का काम किया है। उनके मुताबिक, इसी वजह से कुछ लोग अलग-अलग जातियों में उनके खिलाफ विरोध पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। बोले- हर जाति का विरोधी बताकर बदनाम करने की कोशिश विधायक ने कहा कि कभी उन्हें ब्राह्मण विरोधी, कभी ठाकुर विरोधी और अब लोधी विरोधी बताया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आगे उन्हें पासी, प्रजापति और मौर्य समाज का विरोधी भी बताया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति जातिगत रिश्तों पर नहीं, बल्कि जनता की सेवा पर आधारित है। उन्होंने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता और जरूरतमंदों की मदद जैसे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वह किसी की मदद जाति देखकर नहीं करते। उन्होंने विरोधियों को चुनौती दी कि वे भी अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाएं और वोट मांगें। बोले- लोधी और राजपूत समाज मिलकर देंगे जवाब अनिल सिंह ने कहा कि पुरवा विधानसभा क्षेत्र के लोग उनके कामकाज और कार्यशैली से परिचित हैं। वह छल-कपट और झूठ की राजनीति नहीं करते। उन्होंने कहा कि लोधी समाज समझदार और पढ़ा-लिखा है, उसे जाति के नाम पर गुमराह नहीं किया जा सकता। अंत में उन्होंने कहा कि जो भी उनके खिलाफ चुनाव लड़ना चाहता है, वह पुरवा आकर चुनाव लड़े। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता, जिसमें लोधी समाज के लोग भी शामिल हैं, चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब देगी।

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