बकाया मानदेय के लिए महिला केयरटेकर धरने पर बैठीं:गाजीपुर में किसी का 18 महीने तो किसी का 10 महीने से भुगतान बाकी

Nov 02, 2026 - 13:05
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बकाया मानदेय के लिए महिला केयरटेकर धरने पर बैठीं:गाजीपुर में किसी का 18 महीने तो किसी का 10 महीने से भुगतान बाकी
गाजीपुर में सामुदायिक शौचालयों की महिला केयरटेकर बकाया मानदेय की मांग को लेकर सोमवार दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय के सरजू पांडेय पार्क में धरने पर बैठीं। सामुदायिक शौचालय केयरटेकर संगठन के बैनर तले पहुंचीं महिलाओं ने वर्षों से लंबित भुगतान उनके खातों में कराने की मांग की। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार मानदेय मांगा। हर बार जल्द भुगतान का आश्वासन मिला, लेकिन बकाया राशि अब तक नहीं मिली। दीपावली से पहले कई महिलाओं के पास त्योहार की तैयारी के लिए पैसे नहीं हैं। 18 महीने से मानदेय नहीं मिला मनिहारी ब्लॉक के खड़बा सामुदायिक शौचालय पर काम करने वाली एक केयरटेकर ने बताया कि उन्हें 18 महीने से मानदेय नहीं मिला है। उनका आरोप है कि खाते में मानदेय आने के बावजूद ग्राम प्रधान भुगतान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक बार प्रधान ने उनसे पैसे मांगे थे। मांग पूरी नहीं करने के बाद भुगतान रोक दिया गया। सैदपुर ब्लॉक से धरने में पहुंचीं रेखा देवी ने कहा कि केयरटेकरों का मानदेय उनके खातों में आना चाहिए, लेकिन बार-बार मांग के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है। 10 महीने से मानदेय बकाया है सेतु ब्लॉक से आईं सोनम ने बताया कि उनका 10 महीने से मानदेय बकाया है। उन्होंने कहा कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्हें उम्मीद थी कि मानदेय से घर खर्च में मदद मिलेगी, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। सामुदायिक शौचालय केयरटेकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आकाश सागर ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली कई महिलाओं का 10 महीने, एक साल और किसी-किसी का दो साल तक का मानदेय बकाया है। भुगतान मांगने पर ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से पैसा नहीं आने की बात कहकर टाल दिया जाता है। कई महिलाओं को धमकाने की शिकायतें भी मिली हैं। 10 बजे तक शौचालय की सफाई व देखरेख उन्होंने बताया कि केयरटेकर महिलाएं सुबह 5 बजे घर से निकलती हैं और सुबह 10 बजे तक शौचालय की सफाई व देखरेख करती हैं। इसके बाद शाम 4 बजे फिर ड्यूटी पर पहुंचती हैं और रात 8 बजे घर लौटती हैं। इसके बदले उन्हें 6 हजार रुपए मानदेय मिलता है, लेकिन वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा। आकाश सागर ने कहा कि दीपावली पर हर घर में दीप जलते हैं और लोग खुशियां मनाते हैं। बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की ऐसे में जिन महिलाओं को महीनों से मेहनताना नहीं मिला, वे त्योहार कैसे मनाएंगी मानदेय नहीं मिलने से महिलाओं का काम के प्रति मनोबल भी टूट रहा है। संगठन ने बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की है।

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