दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के तीन स्थिर लग्न:दोपहर 1:22 से 2:53, शाम 6 से 7:54 और रात 12:26 से 2:40 बजे तक मुहूर्त

Nov 07, 2026 - 06:18
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दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के तीन स्थिर लग्न:दोपहर 1:22 से 2:53, शाम 6 से 7:54 और रात 12:26 से 2:40 बजे तक मुहूर्त
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए इस बार तीन स्थिर लग्न में मुहूर्त रहेगा। ज्योतिषाचार्य श्रीराम शर्मा ने बताया कि 8 नवंबर को दीपावली के दिन पहला मुहूर्त दोपहर 1:22 से 2:53 बजे तक कुंभ लग्न में रहेगा। दूसरा मुहूर्त शाम 6 से 7:54 बजे तक वृष लग्न में और तीसरा मुहूर्त रात 12:26 से 2:40 बजे तक सिंह लग्न में रहेगा। उन्होंने बताया कि स्थिर लग्न में पूजा करने की मान्यता है कि इससे घर और कारोबार में धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि और वैभव स्थिर रहता है। गृहस्थों के लिए शाम का वृष लग्न विशेष शुभ माना गया है, जबकि बड़े व्यापारी रात के सिंह लग्न में भी पूजा करते हैं। वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ चारों स्थिर राशियां ज्योतिषाचार्य श्रीराम शर्मा ने बताया कि ज्योतिष में 12 राशियों को चर, स्थिर और द्विस्वभाव श्रेणियों में बांटा गया है। वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ चार स्थिर राशियां हैं। इन राशियों के उदय होने के समय को स्थिर लग्न कहा जाता है। स्थिर वो होते है जो अपनी जगह पर बना रहे और जिसमें जल्दी बदलाव न हो। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्थिर लग्न में पूजा करने से धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि और वैभव में स्थिरता बनी रहती है। इसी वजह से दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए स्थिर लग्न को विशेष महत्व दिया जाता है। गृहस्थों के लिए वृष लग्न, व्यापारियों के लिए सिंह लग्न श्रीराम शर्मा के अनुसार, दीपावली पर पूजा के लिए तीन स्थिर लग्न बताए गए हैं। पहला कुंभ लग्न दोपहर 1:22 से 2:53 बजे तक रहेगा। दूसरा वृष लग्न शाम 6 से 7:54 बजे तक रहेगा। इसे घरों में पूजा करने वाले गृहस्थों के लिए विशेष शुभ माना गया है। तीसरा सिंह लग्न रात 12:26 से 2:40 बजे तक रहेगा। बड़े व्यापारी इस समय में भी लक्ष्मी पूजन कराते हैं। लाल वस्त्र, कमल का फूल और श्रीसूक्त से करें लक्ष्मी पूजन ज्योतिषाचार्य श्रीराम शर्मा ने बताया कि दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। मां लक्ष्मी का लाल वस्त्रों से श्रृंगार करें। उन्हें कमल का फूल अर्पित करें, क्योंकि कमल मां लक्ष्मी का प्रिय पुष्प माना जाता है। इसके साथ फल, नैवेद्य और साबुत धनिया चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर विधि-विधान से पूजन करें। पूजा के दौरान श्रीसूक्त का पाठ अवश्य करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाते हैं दीपावली दीपावली मनाने के पीछे धार्मिक मान्यता भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने से जुड़ी है। मान्यता है कि दशहरे के दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसके बाद लंका में विभीषण को राजगद्दी सौंपकर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके अयोध्या पहुंचने की खुशी में नगरवासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से दीप जलाने और दीपोत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है।

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