हरिवंश ने चंद्रशेखर को सिद्धांतों की राजनीति का नायक बताया:बोले- 65 साल के राजनीतिक जीवन में 40 साल सांसद रहे, अपने आप में एक संस्था थे

Oct 29, 2026 - 21:08
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हरिवंश ने चंद्रशेखर को सिद्धांतों की राजनीति का नायक बताया:बोले- 65 साल के राजनीतिक जीवन में 40 साल सांसद रहे, अपने आप में एक संस्था थे
बलिया के टीडी कॉलेज में गुरुवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के 125वें वर्ष और जननायक चंद्रशेखर के 100वें जयंती वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरिवंश ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के राजनीतिक जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन 65 साल का था, जिसमें 40 साल उन्होंने संसद में बिताए। वे सिद्धांतों की राजनीति के नायक थे। उनके जैसा स्वाभिमानी नेता भारतीय राजनीति में दूसरा नहीं हुआ। कांग्रेस में रहते हुए भी उन्होंने पार्टी की सर्वोच्च संस्था का विरोध किया और आपातकाल के दौरान सत्ता का सुख छोड़कर जेल जाना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कैबिनेट में मंत्री बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। जेल में उन्होंने योग सीखा और देश की कई भाषाओं का ज्ञान हासिल किया। हरिवंश ने कहा कि चंद्रशेखर देश को प्रतिरोध की सीख देना चाहते थे और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर टिके रहे। हरिवंश ने कहा कि चंद्रशेखर के अध्यक्ष रहते जनता पार्टी ने पहली बार केंद्र में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया। वे संसद में रहने के बाद सीधे प्रधानमंत्री बने। उनकी किताब ‘मेरी जेल डायरी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी भाषा उत्कृष्ट है। चंद्रशेखर पूरे समाज को अपना परिवार मानते थे। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन और विचारों का गहराई से अध्ययन करने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने कहा कि जेपी और चंद्रशेखर के राजनीतिक प्रभाव से कांग्रेस सरकार के दौर में संविधान की रक्षा हो सकी। प्रधानमंत्री के रूप में चंद्रशेखर ने छह महीने के कार्यकाल में देश के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए। हरिवंश ने मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। सक्षम नेतृत्व में देश कभी झुकता नहीं है। युवाओं से स्वच्छता अभियान चलाने की अपील हरिवंश ने सभागार में मौजूद लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। चंद्रशेखर के स्वच्छता के प्रति आग्रह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ग्राम पंचायतों और विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए। इसके लिए सरकार का इंतजार नहीं करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि और वरिष्ठ पत्रकार विवेक पांडेय ने कहा कि सलाखों के बीच स्वतंत्रता कैसे जी जा सकती है, यह चंद्रशेखर की ‘जेल डायरी’ में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बलिया के लिए गर्व की बात है कि दुनिया में चंद्रशेखर की राजनीति का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने देश की राजनीति को नई दिशा दी थी। कार्यक्रम में बीज वक्तव्य डॉ. जैनेंद्र पांडेय ने दिया। टॉपर्स और लोक सेवकों को किया सम्मानित राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के टॉपर्स को स्मृति चिह्न और शॉल देकर सम्मानित किया। इसके अलावा पूर्व प्रमुख अनिल सिंह, प्रवीण सिंह, इफ्तखार खान, रूपेश सिंह, दुष्यंत सिंह, राम प्रकाश यादव, प्रिया, गीता, डॉ. कादंबनी सिंह, शशिप्रेम देव, मुकेश सिंह, दिलीप कुमार सिंह, उमेश सिंह, भवतोष पांडेय, प्रदीप यादव, अजय सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, खुशी कुमारी, रिया वर्मा, भाग्यलक्ष्मी और रामनाथ पासवान सहित अन्य लोगों को लोक सेवक एवं मेधा सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मनोरंजन सिंह, डॉ. अखिलेश राय, अनिल सिंह, आशीष त्रिवेदी, रणवीर सिंह सेंगर, उपेंद्र सिंह, उमेश सिंह, अजय सिंह और मनोज शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता टीडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दयालानंद राय ने की, जबकि संचालन अखिलेश सिन्हा ने किया।

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