जिला कारागार के लिए जमीन देने से इनकार:किसानों ने कहा- कृषि भूमि नहीं देंगे; DM को ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
अमरोहा के जोया विकास खंड स्थित रसूलपुर गुर्जर गांव में प्रस्तावित जिला कारागार के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने इस जेल को कृषि भूमि के बजाय किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में बुधवार दोपहर 12 बजे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रधान के नेतृत्व में एकजुट हुए ग्रामीण ग्राम पंचायत सिबौरा के प्रधान ओमकार सिंह की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी उपजाऊ कृषि भूमि जेल निर्माण के लिए किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। हाल ही में प्रधान ओमकार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का विरोध करने का निर्णय लिया गया था। ग्रामीणों ने दो तूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। 26 अक्टूबर को प्रशासनिक टीम ने की थी चर्चा ग्रामीणों ने बताया कि बीते 26 अक्टूबर 2024 को जेलर मुरादाबाद, एसडीएम अमरोहा और प्रशासनिक अमला रसूलपुर गुर्जर गांव पहुंचा था। अधिकारियों ने वहां जिला कारागार बनाने का प्रस्ताव रखते हुए किसानों से कृषि भूमि देने पर चर्चा की थी। हालांकि, उस दौरान भी गांव का कोई भी किसान जेल के लिए अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हुआ था। नहरों के लिए पहले ही जा चुकी है जमीन ग्रामीणों का कहना है कि खेती ही उनके परिवारों के जीविकोपार्जन और भरण-पोषण का एकमात्र सहारा है। पूर्व में मध्य गंगा नहर और छोटी-बड़ी नहरों के निर्माण के लिए गांव की काफी उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसे में अगर अब जिला कारागार के लिए भी जमीन ले ली गई, तो क्षेत्र के किसान पूरी तरह से भूमिहीन हो जाएंगे। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने जबरन कार्रवाई की और आंदोलन की स्थिति बनी, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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