लखनऊ के बाजारों में दिवाली की खरीदारी बढ़ी:अमीनाबाद, निशातगंज समेत कई बाजारों में भीड़; मोतीचूर के लड्‌डू की डिमांड बढ़ी

Nov 07, 2026 - 23:00
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लखनऊ के बाजारों में दिवाली की खरीदारी बढ़ी:अमीनाबाद, निशातगंज समेत कई बाजारों में भीड़; मोतीचूर के लड्‌डू की डिमांड बढ़ी
लखनऊ में दिवाली की खुशियों के साथ बाजारों में खरीदारों में खास उत्साह है। अमीनाबाद, निशातगंज, नाका, भूतनाथ और पत्रकारपुरम में शनिवार को खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। मिठाई, सजावटी लाइट और लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। इस बार बाजार में मोतीचूर के लड्डू की डिमांड सबसे ज्यादा है। छोटी दिवाली के दिन जगह-जगह चौराहों पर लाइटों, फूलों और दीयों की दुकानें सजी मिली। पूरे शहर में हर चाक-चौराहों की झालरों से विशेष तौर पर सजाया गया है। बाजारों में मिठाई से लेकर पूजा-पाठ की सामग्री तक की दुकानों में जबरदस्त भीड़ है। पटाखा दुकानों में आतिशबाजी के लिए तरह-तरह के पटाखे इस बार लाए गए हैं। देखिए 2 तस्वीरें…. देसी घी और खोये से बनी मिठाइयां सियाराम सुइट्स के दुकानदार ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि धनतेरस और दिवाली पर मोतीचूर के लड्डू की सबसे ज्यादा मांग रही। इसके अलावा मेवा बाइट, काजू बर्फी, सफेद रसमलाई, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और छेने-खोये की मिठाइयां भी खूब पसंद की गईं। सफेद रसमलाई और खोया अपनी गौशाला के दूध से तैयार किया गया। देसी घी और खोये की शुद्ध मिठाइयों की कीमत 840 रुपए प्रति किलो से शुरू रही। वहीं, काजू, बादाम, किशमिश और पिस्ता से बनी मिठाइयों और मेवा बाइट के दाम 1800 से 1900 रुपए प्रति किलो तक रहे। गिफ्ट हैम्पर्स का बढ़ा क्रेज इस बार मिठाइयों के साथ गिफ्ट हैम्पर्स की भी खूब बिक्री हुई। इनकी कीमत 1200 रुपए से शुरू होकर 20 हजार से 40 हजार रुपए तक रही। ड्राई फ्रूट बॉक्स 750 रुपए से लेकर 6-7 हजार रुपए तक में बिके। ललित कुमार गुप्ता के मुताबिक, आगामी 27 तारीख को होने वाले चुनावों का असर भी दुकानदारी पर दिखा। लोगों ने इष्ट-मित्रों को मिठाइयां और गिफ्ट पैकेट खूब भेंट किए। भारतीय झालरों से जगमगाए घर लाइट दुकानदार श्रवण कुमार ने बताया कि इस बार दिवाली पर भारतीय झालरों की मांग सबसे ज्यादा रही। ग्राहकों ने चीनी लाइटों के बजाय स्वदेशी सजावटी सामान को प्राथमिकता दी। आर्टिफिशियल लाइट और दीयों की भी बिक्री हुई। झालरों के दाम पिछले साल की तरह 50 से 60 रुपए के आसपास रहे। ये लंबाई के बजाय लड़ियों के हिसाब से बिकती हैं। एक लड़ी 8.5, 10 या 15 मीटर तक लंबी होती है। 100 से 15 हजार रुपए तक की प्रतिमाएं दुकानदार संजय मिश्रा पिछले 10 साल से दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं बेच रहे हैं। उनके यहां 100 रुपए से लेकर 15 हजार रुपए तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। साधारण देसी प्रतिमाओं के साथ फैंसी और कोलकाता शैली की मूर्तियों की भी मांग रही। कीमत आकार और सजावट के अनुसार तय होती है। 15 हजार रुपए की प्रतिमा पर कुंदन वर्क की बारीक सजावट की गई है।

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