लखनऊ में लक्ष्मणपुरी दीपोत्सव में सात लोगों को सम्मान:61 साल पुरानी परंपरा का पालन, सांस्कृतिक संध्या और समारोह में रामायण का मंचन
लखनऊ के लक्ष्मण उद्यान में शनिवार को लक्ष्मणपुरी की 61 साल पुरानी रामानुज लक्ष्मण दीपोत्सव परंपरा के तहत सांस्कृतिक संध्या और सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम में रामकथा, लोककला, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी प्रस्तुतियां हुईं। सात लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम शिव सिंह सरोज स्मारक समिति और कृष्ण प्रताप विद्याविंदु लोकहित न्यास ने संस्कृति विभाग और एलडीए के सहयोग से आयोजित किया। समारोह की अध्यक्षता प्रो. हरिशंकर मिश्र ने की। इन लोगों को सम्मानित किया गया अर्चना सतीश और सतीश ग्रोवर को आदर्श दंपति सम्मान दिया गया। राजेश सिंह को लक्ष्मण विरासत संरक्षण सम्मान और प्रो. भारती सिंह को साहित्य रत्न प्रदान किया गया। डॉ. करुणा को लोककला रत्न, डॉ. रश्मि को अवधी रत्न, नीरा मिश्रा को लोकगायन सम्मान और डॉ. अनुराधा को काव्यरत्न सम्मान दिया गया। लोकगीत और काव्य प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गणेश वंदना और शंख ध्वनि से हुई। इसके बाद रामकथा पर आधारित भावनृत्य, लोकगीत और काव्य प्रस्तुत किए गए। शिव सिंह सरोज के लक्ष्मण महाकाव्य के अंश का पाठ डॉ. रचना श्रीवास्तव ने किया। डॉ. विद्या बिंदु सिंह के नाटक ‘लछिमन देवरा विपतिया क नायक (सीता गाथा)’ और ‘अन्याय नहीं होने दूंगी’ का मंचन किया। प्रस्तुतियों में सीता के संघर्ष, बाल कल्याण और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया। लोकगायन में अवधी और लोकपरंपराओं की झलक दिखी।
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