मौलाना बोले- सुन्नी वक्फ बोर्ड का फौरन गठन करें मुख्यमंत्री:अखिलेश और आजम के चहेतों ने बेची वक्फ संपत्तियां, सीबीआई से कराई जाए निष्पक्ष जांच
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन तत्काल कराने की मांग की है। मौलाना ने कहा कि लखनऊ स्थित बोर्ड पिछले कई महीनों से भंग है, जिससे प्रदेश भर की मस्जिदों, मजारों, दरगाहों, कब्रिस्तानों और मदरसों के प्रशासनिक कामकाज ठप पड़े हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि नए बोर्ड की कमान सुन्नी सूफी मुसलमानों के हाथों में सौंपी जाए। 35 साल तक कट्टरपंथियों का रहा कब्जा, वक्फ के मकसदों को पहुंचाया नुकसान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से बोर्ड पर कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों का वर्चस्व रहा। उन्होंने वक्फ संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। बुजुर्गों ने अपनी जायदाद इसलिए वक्फ की थी ताकि उससे मिलने वाले राजस्व से गरीब, यतीम और कमजोर मुसलमानों की मदद की जा सके, लेकिन इन तीन दशकों में कौम की भलाई के लिए कोई काम नहीं हुआ। सपा प्रमुख और आजम खां के करीबियों पर लगे गंभीर आरोप, सीबीआई जांच की मांग मौलाना ने आरोप लगाया कि 15-16 वर्षों तक वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहा व्यक्ति सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का चहेता और आजम खां का करीबी था। उसके कार्यकाल में वक्फ की अरबों की संपत्तियों और जमीनों को औने-पौने दामों (रेवड़ियों के भाव) पर बेचा गया और व्यापक धांधली हुई। मौलाना ने मुख्यमंत्री से मांग की कि चेयरमैन के पूरे कार्यकाल की जांच सीबीआई से कराई जाए, जिससे भ्रष्टाचार की असलियत जनता के सामने आ सके। साथ ही नए बोर्ड में सदस्यों का चयन निष्पक्ष व गहन जांच के बाद ही किया जाए।
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