मिट्टी प्रदूषण की निगरानी के लिए 29 लोगों को ट्रेनिंग:NBRI में 600 घंटे का पाठ्यक्रम खत्म, प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए
मिट्टी के प्रदूषण की निगरानी और रोकथाम के लिए अब प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे। सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) में ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में 29 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पूरा किया। गुरुवार को संस्थान में आयोजित समापन समारोह में सभी को प्रमाणपत्र दिए गए। यह प्रशिक्षण 31 अगस्त से 5 नवंबर तक किया गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रायोजन में आवासीय पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को मिट्टी के प्रदूषण की निगरानी, आकलन और नियंत्रण से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी गई। 600 घंटे के इस पाठ्यक्रम को स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स ने मान्यता दी थी। पर्यावरण के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन जरूरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा कि मिट्टी का प्रदूषण पर्यावरण की स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती है। इसके प्रभावों को समझने और प्रदूषण की निगरानी के लिए वैज्ञानिक जानकारी के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध करा सकते हैं। पर्यावरण क्षेत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षण से युवा अपनी दक्षता का उपयोग कर आजीविका के नए विकल्प तलाश सकते हैं। प्रशिक्षण से पर्यावरण क्षेत्र में रोजगार के अवसर NBRI के वैज्ञानिक और संस्थान के निदेशक प्रतिनिधि डॉ. समीर वी. सावंत ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए कौशल विकास की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। NBRI-ईआईएसीपी कार्यक्रम केंद्र के समन्वयक डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए।
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