मोतीझील में 30 अक्टूबर से सजेगा लेदर मेला:48 स्टॉल पर नेशनल व इंटरनेशनल ब्रांड की दिखेगी धमक

Oct 29, 2026 - 14:03
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मोतीझील में 30 अक्टूबर से सजेगा लेदर मेला:48 स्टॉल पर नेशनल व इंटरनेशनल ब्रांड की दिखेगी धमक
कानपुर के मोतीझील मैदान में 30 अक्टूबर से दो नवंबर तक लेदर मेला लगेगा। इसमें लेदर और नॉन-लेदर फुटवियर, बैग, वॉलेट, बेल्ट समेत चमड़े से बने विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। मेले में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ब्रांड्स के उत्पाद एक ही छत के नीचे मिलेंगे। चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) की ओर से आयोजित इस मेले में कुल 48 स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजकों के मुताबिक, बिजनेस टू बिजनेस (B2B) के साथ बिजनेस टू कस्टमर (B2C) यानी सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाने का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में यह मेला उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का मंच बनेगा। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के उत्पाद लगेंगे सीएलई के मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह सचान ने बताया कि दुनियाभर में ई-कॉमर्स और सीधे ग्राहकों को उत्पाद बेचने का दायरा बढ़ रहा है। लेदर मेले में भी इसकी झलक दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं को सीधे उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा। मेले की बढ़ती मांग को देखते हुए अगले साल इसका और विस्तार करने की योजना है। इसमें निर्यातकों के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स भी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। एफटीए से नए बाजारों में बढ़ेंगे अवसर सीएलई के उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हो रहे मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से भारतीय उद्योग को नए बाजारों में अवसर मिल रहे हैं। वियतनाम समेत कई देशों के उत्पादों को पहले जिन बाजारों में शुल्क संबंधी लाभ मिलता था, अब भारतीय उत्पादों को भी प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। इससे निर्यात कारोबार को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि घरेलू बाजार में भी उद्योग ने अच्छी वृद्धि दर्ज की है। चीन से आने वाले जूतों का आयात अब बेहद कम रह गया है। देश में उत्पादन बढ़ने से घरेलू मांग का बड़ा हिस्सा भारतीय उत्पादों से पूरा हो रहा है। श्रम आधारित उद्योग होने के कारण सरकार से भी सहयोग मिल रहा है। आगामी बजट के लिए उद्योग की ओर से प्रस्ताव दिया गया है, जिस पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। कानपुर में ही चल रहीं सभी टेनरियां मुख्तारुल अमीन ने स्पष्ट किया कि कानपुर से टेनरियों के दूसरे स्थान पर जाने की बात सही नहीं है। सभी टेनरियां कानपुर में ही संचालित हो रही हैं। कुछ उद्यमियों ने विस्तार की योजना के तहत दूसरे स्थानों पर प्लॉट जरूर लिए हैं, लेकिन वहां अभी काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में निर्यात कारोबार के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में लेदर मेला घरेलू बाजार में मांग बढ़ाने, ग्राहकों तक सीधे पहुंच बनाने और भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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