सज्जन कुमार के घर जाना पड़ा भारी! नितिन नवीन ने 3 सांसदों को फटकारा

सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाकर परिवार से मिलने वाले दिल्ली के तीन भाजपा सांसदों पर पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। मामले पर भाजपा ने कहा कि सांसद निजी हैसियत से मुलाकात करने गए थे।

Aug 29, 2026 - 17:38
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सज्जन कुमार के घर जाना पड़ा भारी! नितिन नवीन ने 3 सांसदों को फटकारा

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 29 अगस्त 2026

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के तीन भाजपा सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाने पर नाराजगी जताई है। इन सांसदों में कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया शामिल हैं। तीनों सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे।पार्टी सूत्रों के अनुसार, सांसदों का यह दौरा पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के तौर पर नहीं था। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों सांसदों के इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई। इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है।सज्जन कुमार की 20 अगस्त को मृत्यु हुई थी। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए थे और उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उनके निधन के बाद शनिवार को नई दिल्ली में उनकी प्रार्थना सभा आयोजित की जानी है।

सज्जन कुमार के घर जाने पर क्यों हुआ विवाद

भाजपा सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाने के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों की ओर से लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ने वाले एचएस फुल्का ने भी सांसदों के इस कदम पर सवाल उठाया।फुल्का ने भाजपा सांसदों की मुलाकात की आलोचना करते हुए कहा कि 1984 के दंगों के पीड़ित परिवार आज भी उस हिंसा का दर्द झेल रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे मामले में सहानुभूति दंगा पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ होनी चाहिए।उन्होंने तीनों भाजपा सांसदों के बहिष्कार की मांग भी की। इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया। भाजपा के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी लंबे समय से 1984 के दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाती रही है।

भाजपा ने क्या सफाई दी

मामले पर भाजपा की ओर से सफाई देते हुए पार्टी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि तीनों सांसद सज्जन कुमार के घर अपनी निजी हैसियत से गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं की गई थी।भाजपा की ओर से दी गई इस सफाई के बावजूद पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सांसदों के कदम पर नाराजगी जताई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष ने तीनों सांसदों को इस मामले में फटकार लगाई है।इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर भी इस मुलाकात को लेकर असहज स्थिति पैदा कर दी है। वहीं विपक्ष और 1984 के दंगा पीड़ितों से जुड़े लोगों की ओर से भी इस दौरे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

कौन हैं वे तीन भाजपा सांसद

रामवीर सिंह बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। कमलजीत सहरावत पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं योगेंद्र चंदोलिया उत्तर-पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।तीनों सांसद दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। उनके लोकसभा क्षेत्रों का 1984 के बाद की दिल्ली की राजनीति से भी गहरा संबंध रहा है। ऐसे में सज्जन कुमार के परिवार से उनकी मुलाकात राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई।सज्जन कुमार स्वयं दिल्ली के बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद रह चुके थे। उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

1984 के दंगों में सज्जन कुमार को हुई थी उम्रकैद

सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली के राज नगर इलाके में दो सिखों की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। इस मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।इसके अलावा वह 1984 के दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में भी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी।1984 के दंगों का मुद्दा भारतीय राजनीति में आज भी बेहद संवेदनशील माना जाता है। भाजपा लंबे समय से इन दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती रही है।इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में भाजपा के तीन सांसदों का सज्जन कुमार के परिवार से मिलना विवाद का कारण बना है। अब नितिन नवीन की नाराजगी के बाद इस मामले ने भाजपा के भीतर भी राजनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के तीन सांसदों को फटकार लगाई।

  • कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया सज्जन कुमार के घर गए थे।

  • तीनों सांसदों ने सज्जन कुमार के परिवार से मुलाकात की थी।

  • भाजपा ने कहा कि सांसद निजी हैसियत से परिवार से मिलने गए थे।

  • 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा हुई थी।

  • एचएस फुल्का ने सांसदों की मुलाकात की आलोचना करते हुए बहिष्कार की मांग की।

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