शादी का झांसा देकर युवतियों से ऑनलाइन ठगी:जालौन में तीन आरोपी गिरफ्तार, फर्जी प्रोफाइल से इलाज के नाम पर रुपये मांगते थे
शादी के नाम पर युवतियों को अपने जाल में फंसाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का जालौन साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी वांछित है। आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड, डॉक्टरों के खाली व लिखे हुए पर्चे, आधार कार्ड, रबर की मुहरें, स्टांप पैड, एक बैग और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। जालौन के एसपी सुरेश चंद्र रावत ने पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर प्रोफाइल बनाकर युवतियों से शादी का भरोसा जीतते थे और फिर अपने माता-पिता या परिवार के सदस्यों की गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना का हवाला देकर इलाज के नाम पर रुपये मंगवाते थे। एसपी के अनुसार साइबर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपी shaadi.com और jeevansathi.com जैसी वेबसाइटों पर प्रोफाइल बनाकर युवतियों से संपर्क करते थे। डॉक्टरों के पर्चे भी दिखाए जाते कुछ दिनों तक बातचीत कर उनका विश्वास जीतने के बाद परिवार में किसी सदस्य की गंभीर बीमारी या दुर्घटना होने की बात बताते थे। विश्वास दिलाने के लिए डॉक्टरों के पर्चे भी दिखाए जाते थे। इसके बाद इलाज के लिए पैसों की जरूरत बताकर युवतियों से ऑनलाइन रकम मंगवाई जाती थी। आरोपी सीएससी केंद्रों और मोबाइल की दुकानों से क्यूआर कोड लेकर उनके माध्यम से रुपये अपने बताए खातों में ट्रांसफर करवाते थे। रकम वापस करने का आश्वासन दिया जाता था, लेकिन जब पीड़िताएं पैसे लौटाने की मांग करती थीं तो आरोपी उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर संपर्क तोड़ देते थे। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर की। जांच के दौरान दूसरे जिलों और राज्यों से संबंधित पांच शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई। 8 लाख 4 हजार 881 रुपये बताई गई पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पोर्टल पर दर्ज ठगी की धनराशि 8 लाख 4 हजार 881 रुपये बताई गई है। वहीं, आरोपियों के खिलाफ झांसी और मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमाकांत पटेल पुत्र बलराम पटेल निवासी कुम्हार के कुआं, कोछाभांवर, थाना नवाबाद, जिला झांसी; रविकांत यादव पुत्र भारत सिंह यादव निवासी उसरगांव, कोतवाली उरई, जिला जालौन और कौशल किशोर उर्फ विक्की चौरसिया पुत्र सीताराम चौरसिया निवासी उमरारखेड़ा, छतरी वाले कुआं के पास, कोतवाली उरई, जिला जालौन के रूप में हुई है। पुलिस ने मंगल सिंह पुत्र भारत सिंह यादव निवासी उसरगांव, कोतवाली उरई को वांछित बताया है। एसपी के अनुसार, उमाकांत पटेल के खिलाफ झांसी, उरई और मध्य प्रदेश के दतिया में धोखाधड़ी, गबन समेत अन्य आरोपों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। रविकांत यादव के खिलाफ भी झांसी और उरई में मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। मंगल सिंह भी संबंधित मामलों में नामजद बताया गया है, जबकि कौशल किशोर के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, निरीक्षक शिव प्रसाद दुबे, उपनिरीक्षक आयुष गुप्ता, एकांश सिंह और शिवेन्द्र सिंह परमार के साथ कांस्टेबल शरद कुमार, आलोक मिश्रा, तेजवीर सिंह और रविरंजन सिंह शामिल रहे। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों और पीड़ितों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर किसी अनजान व्यक्ति से परिचय होने के बाद बीमारी, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति के नाम पर मांगी जाने वाली रकम की पुष्टि किए बिना ऑनलाइन भुगतान न करें।
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