TGT-PGT अभ्यर्थियों का धरना चौथे दिन भी जारी:परिसर खाली करने से इनकार, मांग पूरी होनतक नहीं हटेंगे
TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली के तहत प्रभावित अभ्यर्थियों को परीक्षा में एक अवसर देने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय परिसर में बैठे प्रतियोगी छात्रों का धरना चौथे दिन भी जारी है। प्रशासन की ओर से बुधवार रात वार्ता के लिए पहुंचे अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से परिसर छोड़कर निर्धारित धरना स्थल पर जाने को कहा, लेकिन छात्रों ने साफ इनकार कर दिया। अभ्यर्थियों का ऐलान प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उन्हें परीक्षा में एक अवसर देने का लिखित और ठोस निर्णय नहीं मिलेगा, वे शिक्षा निदेशालय परिसर नहीं छोड़ेंगे। उनका आरोप है कि इससे पहले भी वे निर्धारित स्थल पर धरना दे चुके हैं, ज्ञापन और पत्र सौंपे हैं, लेकिन आश्वासन के नाम पर उन्हें केवल धोखा मिला। तीन दिन हो गया। न डीएम पहुंचे न आयोग से एक भी अधिकारी आया। मुख्यमंत्री का आश्वासन भी छल निकला। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि जारी विज्ञापन में संशोधन कर पुरानी नियमावली से प्रभावित अभ्यर्थियों को TGT-PGT भर्ती परीक्षा में शामिल होने का एक अवसर दिया जाए। उन्होंने प्रशासन और आयोग स्तर पर सुनवाई कराने की भी मांग की है। प्रशासन से असहमति बुधवार रात प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों से बात की और उन्हें परिसर से हटकर धरना स्थल पर जाने का सुझाव दिया। छात्रों ने इसे अपनी सुनवाई से बचने की कोशिश बताते हुए कहा कि बिना मांग पूरी हुए धरना स्थल बदलना स्वीकार नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले 5 से 23 सितंबर तक पत्थर गिरजाघर पर 19 दिन का आमरण अनशन किया गया था, जिसे प्रशासन ने आश्वासन देकर समाप्त कराया था। लेकिन अब तक उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं मिला, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ी है। पिछले दिनों का विवाद धरना सोमवार से शुरू हुआ था और मंगलवार दोपहर कई अभ्यर्थी पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर निदेशालय परिसर में घुस गए थे। प्रशासन के अनुसार इस दौरान फर्नीचर क्षतिग्रस्त हुआ और कार्यालय कक्षों में तालाबंदी का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद तोड़फोड़ और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के आरोप में करीब 200 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं मंत्रालयी कर्मचारी संघ ने सुरक्षा का हवाला देते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने या कार्यालय बंद रखने की मांग की है। आगे क्या अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि लिखित आदेश और ठोस समाधान मिलने तक धरना जारी रहेगा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी न होने पर लखनऊ तक पैदल मार्च करने की चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर, प्रशासन परिसर से हटाकर धरना स्थल पर प्रदर्शन कराने और कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है। मामले का समाधान अब इस बात पर टिका है कि शासन स्तर से अभ्यर्थियों की मांग पर कोई लिखित निर्णय आता है या नहीं।
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