केन नदी में जलस्तर बढ़ा, नाव समेत बहा मछुआरा:5 किमी दूर सुरक्षित मिला, युवक नाव पर ही सो रहा था
बांदा के पैलानी थाना क्षेत्र में शनिवार रात करीब 11 बजे केन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव में मछली पकड़ने गया 35 वर्षीय जंग बहादुर निषाद नाव समेत बह गया। वह रातभर घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पीएसी के साथ नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। रविवार सुबह करीब 12 बजे जंग बहादुर अपनी नाव के साथ करीब 5 किलोमीटर दूर सिंधन कलां के नाव घाट पर सुरक्षित मिल गया। रोज शाम नाव लेकर मछली पकड़ने जाता था कुकुवा खास गांव निवासी जंग बहादुर निषाद (35) पुत्र भवानी शंकर निषाद शनिवार शाम जाल और नाव लेकर केन नदी में मछली पकड़ने गया था। वह अक्सर रात में नाव पर ही सो जाता था। शनिवार रात तेज बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी का बहाव तेज हो गया और नाव बहने लगी। आंख खुली तो नाव को किनारे लगाया नदी के तेज बहाव में नाव करीब 5 किलोमीटर तक बहकर सिंधन कलां के घाट तक पहुंच गई। जंग बहादुर के भाई चंद्रबली ने बताया कि नाव बहते समय जंग बहादुर नाव पर ही सो रहा था। आंख खुलने पर उसने नाव को किनारे लगाया और सुरक्षित घाट पर पहुंच गया। परिजनों की सूचना पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन रविवार सुबह तक जंग बहादुर के घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान हो गए। उन्होंने आसपास तलाश करने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पीएसी की टीम के साथ केन नदी में युवक और उसकी नाव की तलाश शुरू कराई। ग्रामीणों की सूचना पर सुरक्षित मिला युवक सिंधन कलां गांव के ग्रामीणों ने पुलिस को नाव घाट के पास एक युवक के नाव के साथ मौजूद होने की सूचना दी। पैलानी पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की पहचान जंग बहादुर निषाद के रूप में की। वह पूरी तरह सुरक्षित था। उसके मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। सात भाइयों में दूसरे नंबर का है जंग बहादुर भाई चंद्रबली के मुताबिक, सात भाइयों में जंग बहादुर दूसरे नंबर का है। वह मछली पकड़ने का काम करता है और रोज शाम नाव लेकर केन नदी में जाता है। रात में कई बार नाव पर ही सो जाता है।
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