नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को 20 साल की सजा:भदोही कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया, नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त जेल
भदोही जिले में नाबालिग लड़की की गरिमा भंग करने के मामले में कोर्ट ने दोषी युवक को 20 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत हुई। मामला गोपीगंज थाना क्षेत्र का है। दोषी अखिलेश यादव जगनन्दनपट्टी (किशुनदेवपुर), थाना गोपीगंज का निवासी है। अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए कम समय में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। इसके बाद स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर मामले की सुनवाई हुई। पॉक्सो की धारा में दोषी करार मामले में एडीजीसी धीरज शुक्ला ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), ज्ञानपुर भदोही की अदालत ने अखिलेश यादव को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2) और भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त जेल अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। आदेश के अनुसार अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस प्रभावी जांच, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी पर जोर दे रही है। पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से दोषियों को जल्द और प्रभावी सजा दिलाना है। पुलिस ने कहा कि अपराधों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को मजबूत करने का काम लगातार जारी है।
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