निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से युवक की मौत:शाहजहांपुर में सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जा रहा था

Nov 06, 2026 - 20:38
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निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से युवक की मौत:शाहजहांपुर में सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जा रहा था
शाहजहांपुर में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे निर्माणाधीन मकान में काम करते समय करंट लगने से 26 वर्षीय मजदूर बागेश श्रीवास्तव की मौत हो गई। वह सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जा रहे थे, तभी वहां निकले बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह नीचे गिर पड़े। परिजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पति की मौत के बाद पत्नी रोहड़ी का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन छोटी बेटियों की जिम्मेदारी को लेकर वह बदहवास हो गईं। उन्होंने रोते हुए कहा, 'तीन बच्चों को कैसे पालूंगी।' सुबह नाश्ता करके काम पर निकले थे बागेश बागेश परशुरामपुरी थाना क्षेत्र के गांधीनगर में पत्नी रोहड़ी और तीन बेटियों रूही (4), जूही (3) और लल्ली (डेढ़ साल) के साथ रहते थे। वह निर्माणाधीन मकानों में राजमिस्त्री के साथ मजदूरी करते थे। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे नाश्ता करने के बाद वह काम पर चले गए थे। दिनभर काम करने के बाद मकान की छत का लिंटर पड़ चुका था और उसकी घोटाई का काम चल रहा था। सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जाते समय लगा करंट बताया गया कि बागेश सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जा रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ वहां निकले बिजली के तारों से छू गया। तार में करंट उतरने से वह बोरी समेत नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद ग्राम प्रधान राकेश सक्सेना ग्रामीणों की मदद से उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। सूचना मिलने पर बागेश के भाई कमलेश, मां राजबेटी और पत्नी भी अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे को होश में लाने की कोशिश करते रहे माता-पिता अस्पताल में बेटे की मौत की खबर सुनकर मां राजबेटी बदहवास हो गईं। वह बेटे के पैर दबाकर उसे होश में लाने की कोशिश करने लगीं। पिता सत्यपाल श्रीवास्तव कभी बेटे की छाती दबाते तो कभी चेहरे पर मुंह रखकर उसे होश में लाने का प्रयास करते रहे। पत्नी रो-रोकर कहती रही कि अब तीन छोटी बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा। परिजनों ने मिस्त्री और मकान मालिक पर जताया संदेह परिजनों ने बताया कि दीपावली और धनतेरस के लिए बच्चे घर पर बागेश का इंतजार कर रहे थे। भाई कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि मिस्त्री के मुताबिक, बागेश सीमेंट की बोरी लेकर जीने से जा रहे थे। वहां बिजली के तार में करंट था, जिसकी चपेट में आने से वह नीचे गिर गए। हालांकि, कमलेश ने मिस्त्री के बताए घटनाक्रम पर संदेह जताया। उनका आरोप है कि रात में मौके पर पहुंचने पर मिस्त्री और मकान मालिक नशे की हालत में लग रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि बागेश से बिजली का तार जोड़ने का काम कराया गया हो सकता है या वहां तार का कोई खुला जोड़ रहा हो, जिसे छूने से उन्हें करंट लगा। कमलेश ने बताया कि बागेश की दो उंगलियां और अंगूठा भी जला हुआ था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे। सुबह मां को फोन कर बताया था कि काम पर जा रहा हूं मां राजबेटी ने बताया कि शुक्रवार सुबह बागेश ने नाश्ता करने के बाद उन्हें फोन करके काम पर जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसका कोई फोन नहीं आया। रात में बेटे की मौत की खबर मिली। परिवार में दीपावली की तैयारियों के बीच मातम छा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की बात कही सीओ परशुरामपुरी दीपक सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से मजदूर की मौत होने की सूचना मिली है। पुलिस मौके पर जा रही है। शव का पंचनामा भरवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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