फर्जी शादी का प्रमाणपत्र दिखाकर इंजीनियर से 17 लाख ठगे:दिल्ली में हुई जान-पहचान, बदनाम करने की धमकी देकर वसूली; 5 पर FIR
गोंडा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने दिल्ली गए गोंडा के बीटेक इंजीनियर को फर्जी शादी और फोटो के जाल में फंसाकर 17 लाख रुपए वसूल लिए गए। आरोप है कि युवक पर शादी का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कर उसे बदनाम करने और फोटो वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार शाम करीब 6 बजे पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ट्यूशन पढ़ाने के दौरान हुई थी जान-पहचान भटवलिया गांव निवासी व्यंकटेश तिवारी पुत्र जितेंद्र तिवारी के मुताबिक, उन्होंने त्रिपुरा के अगरतला से बीटेक की पढ़ाई की है। वर्ष 2023 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली के कटवारिया सराय में किराए पर कमरा लिया था। वहां उनकी पहचान पड़ोस में रहने वाले हरिश्चंद्र से हुई। हरिश्चंद्र के कहने पर वह उनके छोटे बेटे को हाईस्कूल का ट्यूशन पढ़ाने लगे। इसके बदले दोपहर का भोजन भी उनके घर पर करते थे। आरोप है कि कुछ समय बाद हरिश्चंद्र ने एक फर्जी फोटो दिखाकर अपनी बेटी साक्षी से शादी करने का दबाव बनाया। व्यंकटेश ने इनकार किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर आर्य समाज मंदिर का फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कर लिया। इसके बाद उन्हें शादीशुदा बताकर बदनाम करने की धमकी दी जाने लगी। फोटो वायरल करने की धमकी देकर घर से पैसे मंगाने का दबाव बनाया गया। इन धमकियों से परेशान होकर व्यंकटेश दिल्ली से वापस गोंडा आ गए। बाद में उनकी नौकरी लखनऊ की एक निजी कंपनी में लग गई। पिता ने जमीन बेचकर दिए 14 लाख रुपए व्यंकटेश के मुताबिक, उनके पिता ने किराए के मकान में रहने के बजाय अपना घर खरीदने की सलाह दी। इसके लिए जमीन बेचकर 14 लाख रुपए दिए। यह रकम 20 अगस्त 2024 को केनरा बैंक खाते में जमा कराई गई थी। आरोप है कि इसकी जानकारी आरोपियों को हुई तो उन्होंने फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। डर के कारण व्यंकटेश ने हरिश्चंद्र के कहने पर उसकी दूसरी बेटी हेमा के खाते में यूपीआई से 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 24 जुलाई 2024 को हरिश्चंद्र और साक्षी गोंडा स्थित उनके कमरे पर पहुंचे। यहां समाज में फोटो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपए और ले लिए। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए रुपए पीड़ित के अनुसार, बदनामी के डर से उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर आरोपियों के बताए खातों में रकम भेजी। सुशिका बंसल के खाते में पांच लाख रुपए बैंक के माध्यम से जमा कराए गए। इसके अलावा तीन लाख रुपए नकद जमा कराए गए। 18 सितंबर को तरुण के खाते में एक लाख रुपए और 21 सितंबर को 18 हजार रुपए यूपीआई से भेजे गए। 22 सितंबर को साक्षी के खाते में भी रकम भेजी गई। आरोप है कि हरिश्चंद्र ने खुद चार लाख रुपए नकद लिए। इस तरह बैंक, यूपीआई और नकद के जरिए कुल 17 लाख रुपए वसूले गए। पुलिस से सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर व्यंकटेश ने पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों से शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने सीजेएम न्यायालय गोंडा में प्रार्थना पत्र दिया। धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने संज्ञान लिया। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने हरिश्चंद्र, साक्षी, तरुण ब्रोकर, हेमा और सुशिका बंसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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