पटाखे से जलने पर ठंडे पानी से धोएं हाथ:गोरखपुर में स्किन स्पेशलिस्ट बोले- प्रभावित अंग को ठंडा रखना जरूरी
दिवाली की खुशियों के बीच अतिशबाजी करते और पटाखे छोड़ते वक्त गलती से अगर कोई अंग जल जाय तो उसे तुरंत ठंडे पानी से धोना चाहिए। ऐसा कहना है गोरखपुर जिला अस्पताल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन वर्मा का। उन्होंने बताया कि जल जाने के बाद सबसे जरूरी है स्किन को ठंडा रखना। इसके लिए बर्फ और पिपरामिंट वाले टूथपेस्ट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही जले हुए जगह को खुला रखने की बात कही। डॉक्टर का कहना है कि स्थिति गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 15-20 मिनट तक पानी से धोएं प्रभावित हिस्सा
डॉ. नवीन वर्मा के मुताबिक, पटाखा लगने से त्वचा जलने पर सबसे पहला काम उस हिस्से को ठंडा करना है। बिना समय गंवाए प्रभावित जगह पर नल का बहता हुआ साफ पानी डालना शुरू कर दें। कम से कम 15 से 20 मिनट तक जले हुए हिस्से को पानी की धार के नीचे रखें। इससे त्वचा के अंदर मौजूद गर्मी बाहर निकल जाती है और घाव गहराई तक नहीं फैलता। पानी डालने से अंदरूनी टिशूज को नुकसान नहीं पहुंचता और मरीज को जलन से तुरंत राहत मिलती है। हल्के हाथों से बर्फ लगाएं
उन्होंने सलाह दी कि बर्फ के टुकड़ों से भी हल्के हाथों से सिकाई की जा सकती है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जली हुई जगह पर बर्फ की वजह से थोड़ा भी रगड़ न आए। नहीं तो घाव और बढ़ सकती है। जो आगे चलकर परेशानी का कारण बनेगी। पिपरामिंट वाले टूथपेस्ट लगाएं
उन्होंने कहा कि जलने के बाद स्किन को ठंडा रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। ऐसे में आजकल पिपरामिंट वाले टूथपेस्ट भी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे राहत मिलेगी और घाव बढ़ेगा नहीं। सूजन आने से पहले उतार दें अंगूठी और घड़ी
डॉक्टर ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद अगर प्रभावित हिस्से पर अंगूठी, चूड़ी, घड़ी या कोई भी तंग आभूषण पहना हुआ हो, तो उसे फौरन उतार देना चाहिए। कई बार जलने के कुछ देर बाद ही उस जगह पर तेजी से सूजन आने लगती है। अगर ज्वेलरी वक्त पर नहीं निकाली गई, तो बाद में इसे काटना पड़ सकता है जो बेहद दर्दनाक होता है। इसके बाद घाव को किसी साफ और सूखे सूती कपड़े से हल्के हाथ से ढक दें ताकि धूल और बैक्टीरिया से इंफेक्शन न फैले। जली हुई जगह को कंबल से न ढके
डॉक्टर ने बताया कि बहुत से लोग पहले की धारणा अपनाते हुए जली हुई जगह को कंबल से ढक देते थे। या फिर उस पर बालू डाल देते थे। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इससे आग से होने वाले नुकसान बढ़ जाते हैं। जली हुई जगह को जितना हो सके खुला रखना और साफ रखना चाहिए। छाले सुई से फोड़ने की गलती न करें
उन्होंने कहा कि अगर जलने के बाद त्वचा पर पड़े छालों या फफोले पड़ जाए तो उसे कभी भी सुई या हाथ से न फोड़ें। ये छाले त्वचा की सुरक्षा करने वाली एक नेचुरल लेयर होते हैं। इनके फटने से बैक्टीरिया सीधे घाव के अंदर चले जाते हैं और मवाद पड़ने का डर रहता है। इसी तरह, अगर कोई कपड़ा या प्लास्टिक जलकर त्वचा से चिपक गया हो, तो उसे खुद से झटके से खींचकर न निकालें, बल्कि सीधे डॉक्टर के पास जाकर ही साफ करवाएं। गंभीर स्थिति में डॉक्टर की लें सलाह
डॉ. नवीन वर्मा ने अंत में सलाह दी है कि अगर घाव बहुत ज्यादा गहरा है, चेहरा या हाथ गंभीर रूप से झुलस गए हैं, या पानी डालने के बाद भी जलन शांत नहीं हो रही है, तो बिना एक पल गंवाए मरीज को जिला अस्पताल लेकर जाएं। खुद से कोई भी एंटीसेप्टिक क्रीम या मेडिकल स्टोर से लाकर दवा लगाने से बचें, क्योंकि गलत इलाज से त्वचा पर हमेशा के लिए गहरे और भद्दे निशान रह सकते हैं।
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