वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में 33 घंटे से कतार:लाखों भक्तों ने किए स्वर्णमयी मां का दर्शन, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

Nov 07, 2026 - 09:20
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वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में 33 घंटे से कतार:लाखों भक्तों ने किए स्वर्णमयी मां का दर्शन,  देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
काशी में शुक्रवार को धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा ने अपने स्वर्णमयी स्वरूप में भक्तों को दर्शन शुरू हुए। जो 10 नवंबर तक अनवरत चलेंगे। ऐसे में शनिवार को धनतेरस के दुसरे दिन भी मंदिर के बाहर भक्तों की लाइन लगी हुई है। श्रद्धालु आधी रात के बाद से मंदिर के बाहर खड़े रहे। और जैसे ही सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुले भक्त माता का दर्शन कर निहाल हो उठे। पिछले 33 घण्टे से माता के दर्शन हो रहे हैं। दर्शन के बाद भक्तों को प्रसाद में सिक्के और लावा दिए गए। उनका कहना है कि इससे घर-परिवार में धन की कमी नहीं आती। धनतेरस की देर रात तक करीब 2 लाख भक्तों ने दर्शन किए। धनतेरस पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुबह 4 बजे मां का शृंगार किया गया। फिर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। भक्त प्रथम तल पर विराजमान मां का दर्शन कर खजाना लेने पहुंचे। 5 दिनों तक श्रद्धालुओं को मां के दर्शन के साथ खजाना प्रसाद भी दिया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त में विशेष पूजन और आरती के बाद मां के खजाने के साथ 21 किलो के रजत खजाने की भी पूजा-अर्चना की जाएगी। 10 अक्टूबर तक होंगे माता के स्वर्णमयी स्वरुप के दर्शन मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन और खजाना प्रसाद वितरण की व्यवस्था 10 नवंबर को अन्नकूट महापर्व की शयन आरती तक जारी रहेगी। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित रास्तों का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। बता दें की माता के इस स्वरूप के दर्शन के लिए दुसरे राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं और घर में धन-धान्य का आशीर्वाद लेते हैं। अन्नकूट पर बाबा विश्वनाथ को चढ़ेगा छप्पन भोग 10 नवंबर को अन्नकूट महापर्व पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भी विशेष आयोजन होगा। मध्याह्न भोग आरती के दौरान भगवान विश्वेश्वर को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। इसमें मिठाइयां, फल, नमकीन, मेवे और पारंपरिक पकवान शामिल होंगे। इस अवसर पर भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा को गर्भगृह में विराजमान कर दिव्य शृंगार किया जाएगा। लड्डुओं से निर्मित भव्य शिवालय भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके दर्शन गर्भगृह के पश्चिमी द्वार के पास वैकुंठ महादेव प्रांगण में होंगे। मध्याह्न भोग आरती के बाद श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से शिव परिवार की झांकी के दर्शन कर सकेंगे। अन्नकूट के दिन नियमित शयन आरती गर्भगृह के दक्षिणी द्वार से संपन्न होगी।

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