ग्रेटर नोएडा बस हादसे में बीजेपी कोषाध्यक्ष की पत्नी-बेटा लापता:9 लोगों की मौत, कई शवों की पहचान नहीं हो सकी; परिवार को अनहोनी का डर

Sep 25, 2026 - 09:03
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ग्रेटर नोएडा बस हादसे में बीजेपी कोषाध्यक्ष की पत्नी-बेटा लापता:9 लोगों की मौत, कई शवों की पहचान नहीं हो सकी; परिवार को अनहोनी का डर
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर राज कल्पना ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में आग लगने के बाद महोबा के बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और बेटे शशांक का अब तक पता नहीं चल पाया है। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो चुकी है। कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे उनकी पहचान में दिक्कत आ रही है। प्रशासन और परिजन लगातार दोनों की तलाश कर रहे हैं। परिवार को अब भी किसी पुख्ता जानकारी का इंतजार है। दिल्ली से महोबा जा रही बस में अचानक लगी आग यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर कार्गो एयरपोर्ट के पास दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई। एक महीने से बेटे के साथ रह रही थीं सुनीता महोबा के चरखारी निवासी नीरज गुप्ता की 50 वर्षीय पत्नी सुनीता गुप्ता और 32 वर्षीय बेटे शशांक गुप्ता इसी बस में सवार थे। शशांक गुड़गांव में इंडिगो एयरवेज में इंजीनियर हैं। उनकी मां पिछले करीब एक महीने से उनके साथ गुड़गांव में रह रही थीं। परिवार के मुताबिक, नीरज गुप्ता के भाई धीरू गुप्ता को हाल ही में हार्ट अटैक आया था और उनका कानपुर में इलाज चल रहा है। मां-बेटे परिवार से मिलने और उनका हाल जानने के लिए गुड़गांव से महोबा के लिए निकले थे। रात 9:36 बजे पिता को किया था फोन हादसे वाली रात करीब 9:36 बजे शशांक ने अपने पिता नीरज गुप्ता को फोन किया था। उन्होंने बताया था कि वे नोएडा से निकल चुके हैं और सुबह करीब 8 बजे तक महोबा पहुंच जाएंगे। लेकिन सुबह परिजनों ने जब सुनीता और शशांक से संपर्क करने की कोशिश की तो दोनों के मोबाइल फोन बंद मिले। इसके बाद रिश्तेदारों के जरिए परिजनों को एक्सप्रेस-वे पर बस में आग लगने की जानकारी मिली। प्रशासनिक स्तर पर भी तलाश जारी नीरज गुप्ता के कई रिश्तेदार नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक पदों पर हैं। इनमें उनकी बहन अर्चना गुप्ता (बीएसए) और बहनोई विवेक गुप्ता (एसडीएम) शामिल हैं। परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी संपर्क किया है। लगातार प्रयासों के बावजूद सुनीता और शशांक के बारे में अब तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन पर भी परिजनों को अभी ठोस जानकारी नहीं मिली है। 35 यात्री सवार थे, 15 सुरक्षित महोबा भेजे गए हादसे का शिकार हुई बस में कुल 35 यात्री सवार थे। गुरुवार को महोबा जिले के 15 सुरक्षित बचे यात्रियों को शासकीय वाहन से महोबा भेज दिया गया। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले 9 यात्रियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं। ऐसे में उनकी पहचान करना चुनौती बना हुआ है। परिजन अपनों की जानकारी के लिए लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। फिलहाल सुनीता और शशांक के परिजन किसी अनहोनी की आशंका के बीच उनकी सही जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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