सपा–कांग्रेस में नहीं शुरू हो सकी गठबंधन की औपचारिक बात:आपस में हो रही तकरार, इमरान मसूद के बयान पर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना
यूपी में जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात फाइनल होने के बजाए तकरार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस की ओर से इमरान मसूद के साथ साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम मोर्चा संभाल रहे हैं और सीटों को लेकर सपा को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सपा की ओर से अब तक काफी सधी हुई प्रतिक्रिया अब तक दी गई है। इमरान मसूद को जवाब समाजवादी पार्टी की कैराना से सांसद इकरा हसन ने दिया तो इमरान मसूद ने और तीखी प्रतिक्रिया दे दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इमरान मसूद की आलोचना हो रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा लंबे समय से चल रही है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पहले कहा था कि सितंबर से सीट बंटवारे की बातचीत शुरू होगी। लेकिन अब तक कोई डायलॉग दोनों दलों के बीच शुरू नहीं हो सका है। गौतम ने जून 2026 में यूपी प्रभारी बनने के बाद साफ कहा था कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदारी और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने 50-50 फॉर्मूले या सम्मानजनक समझौते की बात कही। हालिया बयानों में उन्होंने दोहराया कि थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन गरिमा से समझौता नहीं होगा। 18 सितंबर को उन्होंने बताया कि औपचारिक बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है और यह अगले महीने हो सकती है। इमरान मसूद की हो रही आलोचना गठबंधन को लेकर इकरा हसन के बयान के बाद इमरान मसूूद का एक बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। अपने बयान में वे कह रहे हैं कि हम क्या गठबंधन की भीख माँग रहे हैं किसी से, जब बरात चढ़ती है तो बहुत सारे ढोल बजाने और नाचने गाने वाले भी होते इन्हें नाचने गाने दीजिए। इसको लेकर सोशल मीडिया पर इमरान मसूद के खिलाफ जमकर कमेंट किए जा रहे हैं और इकरा हसन के पक्ष में लोग अपनी बात रख रहे हैं। गठबंधन की जल्दबाजी में नहीं दिखना चाहती सपा वहीं गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी किसी जल्दबाज़ी में दिखाई नहीं दे रही है। सपा सुप्रीमो ने कांग्रेस के लिए अपना कैलकुलेशन कर रखा है और अपने लोगों को इसकी जानकारी भी दे दी है। औपचारिक बातचीत होगी तो सपा की ओर से बात रखी जाएगी। वहीं कांग्रेसी नेताओं की गठबंधन को लेकर हो रही बयानबाज़ी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी को लेकर समाजवादी पार्टी हैरान है। सपा के नेताओं का कहना है कि गठबंधन की अहमियत कांग्रेस जानती है, उसके बाद भी उसके नेता गठबंधन को लेकर उल्टी सीधी बातें कर रहे हैं, जो गले से नीचे नहीं उतर रही है। इस बीच अखिलेश यादव पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत कांग्रेस के गढ़ से कर चुके हैं, वे ये भी कह चुके हैं कि कांग्रेस के साथ गठबंधन होगा, लेकिन सीट उस पार्टी को मिलेगी जहां जीत तय हो। अखिलेश के रायबरेली दौरे को लेकर भी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके जवाब में सपा की ओर से शिवपाल यादव ने जवाब दिया और कहा कि कांग्रेस के लिए जसवंत नगर में एक भी वोट नहीं मिलेगा। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने जल्द फैसला करने की मांग की, तो सपा सांसदों ने जवाब दिया कि फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। शिवपाल यादव ने भी कहा कि सीटों का फैसला दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही लेंगे। अगले हफ्ते हो सकती है बैठक सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हो सकती है। पहले दोनों दलों की समितियां बैठेंगी, फिर टॉप लीडरशिप बात करेगी। ये गठबंधन INDIA ब्लॉक के तहत होगा। दोनों दल भाजपा के खिलाफ एकजुटता की बात कर रहे हैं, लेकिन सीटों की संख्या और कुछ क्षेत्रों (जैसे रायबरेली-अमेठी, सहारनपुर) पर दावेदारी को लेकर मामला अटका हुआ है। अंतिम फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव के स्तर पर ही होगा।
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