सपा सभासद भइया लाल यादव सहित 5 पर FIR:वाराणसी में महिला की तहरीर पर 3 महीने पहले भी गए थे जेल, अब पत्नी और बेटे भी नामजद
वाराणसी के समाजवादी पार्टी के सभासद भइया लाल यादव को 8 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मध्यमेश्वर वार्ड के पार्षद भइया लाल यादव पर एक विधवा महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए चेतगंज थाने में 7 अगस्त 2026 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि पार्षद उसे लगातार फोन कर बात करने का दबाव बनाते हैं। बात नहीं करने पर खुदकुशी करने की धमकी देते हैं। पुलिस ने महिला की तहरीर पर बीएनएस की धारा 78(2) में FIR दर्ज पार्षद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी महिला ने एक बार फिर चेतगंज थाने में पार्षद भइया लाल यादव, उनकी पत्नी और बेटों सहित पांच लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि जिस मुकदमें में पार्षद जेल गए थे। उसमें मुझे पैरवी करने से रोका जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। फिलहाल चेतगंज पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। जमानत पर छूटने के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
महिला ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया है कि - 8 अगस्त 2026 को जेल जाने के बाद भइया लाल यादव जेल से छूटकर आ गए थे। 10 अगस्त को जब मै अपने 164 के बयान के लिए घर से निकली तो घर के सामने ही मौजूद भइया लाल यादव, उनकी पत्नी मंजू यादव बेटा गौरव उर्फ मोनू और अभिषेक यादव उर्फ़ कन्हैया ने पकड़कर मुझे कई थप्पड़ मारा और डराया-धमकाया। बोले की बयान दिया तो जान से हाथ धो बैठोगी। इसके बाद मैंने मजिस्ट्रेट के सामने सही बयान डर से नहीं दिया। 14 सितंबर को भी दी गयी धमकी
महिला ने पुलिस को बताया - इसके बाद 14 सितंबर की रात मै घर का सामान लेकर वापस आ रही थी। उसी दौरान भइया लाल यादव, उसके दोनों बेटे, पत्नी और साला विनोद यादव ने मुझे रोक लिया और वापस ले लो और सारे साक्ष्य हमें सौंप दो वरना जान से हाथ धो बैठोगी। इसके बाद 8 अक्टूबर को इस मामले में चार्जशीट के लिए जानकारी करने कचहरी पहुंची थी। इसपर भइया लाल यादव और उसके बेटों ने उससे उसका मोबाइल छीन लिया जिसमे सारा प्रमाण था। ऐसे में मेरा मुकदमा लिखा जाए। दर्ज हुई नामजद FIR
थानाध्यक्ष पवन कुमार पांडये ने बताया - महिला की तहरीर पर मध्यमेश्वर वार्ड के पार्षद भइया लाल यादव, गौरव यादव, अभिषेक यादव, मंजू देवी और विनोद यादव पर नामजद बीएनएस की धारा 115(2), 304(2), 351(3) और 78 (2) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जानिए किया पूरा मामला पिता की बीमारी में की थी आर्थिक मदद
7 अगस्त को चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाते हुए महिला ने पुलिस को बताया कि करीब आठ साल पहले उसके पिता की तबीयत खराब थी। उस दौरान पार्षद भइया लाल यादव ने आर्थिक मदद की थी। इसके बाद उनका उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। महिला के मुताबिक, पार्षद उससे फोन पर भी बातचीत करते थे। महिला का आरोप है कि उस समय उसे पार्षद की नीयत पर कोई संदेह नहीं था, लेकिन अब वह लगातार उस पर बात करने का दबाव बना रहे हैं। ‘बात नहीं करोगी तो जान दे दूंगा’
महिला ने आरोप लगाया कि पार्षद अक्सर उसे फोन करते हैं और बातचीत करने के लिए दबाव बनाते हैं। वह बात करने से इनकार करती है तो पार्षद कथित तौर पर कहते हैं कि अगर वह उनसे बात नहीं करेगी तो वह अपनी जान दे देंगे। महिला ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा था।
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