अयोध्या में किसान बोले- बारिश ने सबकुछ बर्बाद कर दिया:22 हजार बीघा फसल तबाह, खेतों में भरा पानी, मुआवजा दिलाया जाए
अयोध्या में चक्रवाती तूफान अर्नब के साथ आई तेज हवा और बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 48 घंटे हुई बारिश और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं से 22 हजार बीघा से ज्यादा फसल प्रभावित हुई है। दैनिक भास्कर की टीम ने सोहावल, बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर और सदर तहसील के गांवों में पहुंचकर किसानों का हाल जाना। कहीं केले के पौधे जड़ से उखड़े मिले तो कहीं धान पानी में गिरा था, जबकि गन्ना और सब्जियों की फसल भी खेतों में बर्बाद पड़ी थी। किसानों के लिए फसल का नुकसान सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है। किसी ने खेती के लिए कर्ज लिया था तो किसी ने बेटी की शादी और घर के खर्च की उम्मीद इसी फसल से लगा रखी थी। अब किसान सरकारी सर्वे और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट….. खेत में गिरा केला,लाखों का नुकसान सेमरा गांव के मेवालाल वर्मा ने करीब एक एकड़ में केले की फसल तैयार की थी। फसल खेत में खड़ी थी, लेकिन तेज हवा ने पौधों को जड़ से गिरा दिया। मेवालाल की आंखों के सामने उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। किसान के मुताबिक उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इसी गांव के गुड्डू वर्मा की करीब डेढ़ एकड़ केले की फसल भी तेज हवा की चपेट में आ गई। उन्होंने करीब तीन लाख रुपए के नुकसान की बात कही। राजबहादुर वर्मा की एक एकड़ केले की फसल नष्ट हुई है। उनके अनुसार करीब दो लाख रुपए का नुकसान हुआ। राकेश वर्मा की करीब डेढ़ एकड़ केले की फसल भी जमीन पर गिर गई। किसान ने करीब तीन लाख रुपए के नुकसान का अनुमान बताया। अरकुना में सौकड़ों बीघा गन्ने का फसल नष्ट सोहावल क्षेत्र में हजारों बीघा गन्ने का फसल तेज तूफान के चलते नष्ट हो गया है। गांव के किसान पारस नाथ ने बताया कि दो एकड़ गन्ना की फसल थी। बारिश और तेज हवाओं के चलते गन्ने की फसल गिर गया है। धूप निकलने के बाद बाद अब यह सूखने लगेगा, इससे पैदावार करीब 50 प्रतिशत घट जाएगा। भीम सिंह, रमेश दत्त सिंह, जनक लाल वर्मा, बृज किशोर सिंह, शैलेंद्र कुमार वर्मा, जितेंद्र प्रताप सिंह समेत अनेक किसानों की सौकड़ों बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। इसी प्रकार तेज तूफान ने हजारों बीघा फसल नष्ट कर दिया है। धान खेत में गिरा, पानी ने बढ़ाई परेशानी बारिश ने धान की फसल को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। अमर कुमार वर्मा के खेत में पानी भरने से धान की फसल गिरकर जमीन पर जम गई। किसान का कहना है कि यदि पानी जल्द नहीं निकला तो बची हुई फसल भी खराब हो सकती है। महीनों की मेहनत और खेती में लगाया पैसा डूबने का डर किसानों को परेशान कर रहा है। लोबिया से लेकर टमाटर तक बर्बाद बिलारी माफी-नासिरपुर मुसी गांव के प्रगतिशील किसान लालमणि निषाद की करीब एक एकड़ लोबिया की फसल तेज हवा में गिर गई। इसके बाद हुई बारिश से फसल पूरी तरह खराब हो गई। किसान के अनुसार करीब डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि टमाटर, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है। कई किसानों ने टमाटर की नई रोपाई की थी। पौधे अभी खेत में जम ही रहे थे कि लगातार बारिश ने उन्हें खराब कर दिया। गन्ने की फसल भी कई जगह हवा के कारण झुक गई है। खेत में नुकसान, घर में चिंता ग्राउंड पर किसानों की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ फसल खराब होने की नहीं थी। फसल के साथ उनकी अगली कई महीनों की आर्थिक योजना भी जुड़ी थी। किसी ने खाद-बीज के लिए कर्ज लिया था तो किसी ने मजदूरी और सिंचाई पर पैसा लगाया था। अब फसल खराब होने के बाद किसान आगे की व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के सामने वे बेबस हैं। मेहनत उन्होंने की, लागत उन्होंने लगाई, लेकिन मौसम ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब प्रशासन की मदद ही उन्हें इस संकट से उबार सकती है। 22 हजार बीघा से अधिक फसलों का हुआ नुकसान अयोध्या में चंद्रवाती तूफान से धान की करीब 10,500 बीघा से अधिक का फसल बर्वाद हो गया है। गन्ना का करीब 6,000 बीघा, 3,500 बीघा सब्जियां, 2 हजार बीघा केले की फसलें नष्ट हुई है। ऐसे में किसान लाखों रूपये और मेहनत करके बेवस है। किसानों ने मांगा तत्काल सर्वे पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से प्रशासन से गांव-गांव जाकर फसलों का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन कर उन्हें सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाया जाए। खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था भी तत्काल कराई जाए। किसानों की नजर अब प्रशासन की टीम पर है। खेतों में बर्बाद फसलें पड़ी हैं और किसान इस उम्मीद में हैं कि सरकारी सर्वे उनके नुकसान को कागज पर दर्ज करेगा और उन्हें राहत मिल सकेगी। आंधी-बारिश में अयोध्या में हुई 5 मौतें शनिवार को तेज आंधी और बारिश अयोध्या में आफत बन गई। अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। खंडासा में पेड़ की डाल गिरने से 12 वर्षीय आर्यन की मौत हुई। मवई में धान के खेत से पानी निकाल रहे 40 वर्षीय किसान धर्मराज पर यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया। रुदौली के बिचाला गांव में छप्पर के नीचे बैठे 75 वर्षीय रामस्वरूप के ऊपर महुआ का पेड़ गिरने से उनकी जान चली गई। कार पर बरगद गिरा, किशोर की मौत पूराकलंदर के मसौधा बाजार में तेज आंधी के दौरान बरगद का पेड़ कार पर गिर गया। कार में दो किशोर फंस गए थे। पुलिस ने दोनों को बाहर निकाला। हादसे में आकाश वर्मा की मौत हो गई, जबकि दूसरा किशोर घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोमती में गिरने से मौत मवई के मीरमऊ घाट पर शिव कैलाश निषाद (40) शनिवार सुबह नाव पर बैठकर दातून कर रहे थे। तेज हवा और बारिश के बीच वह अचानक गोमती नदी में गिर गए। डूबने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से नियमानुसार सहायता देने की बात कही है।
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