बलिया गायत्री शक्तिपीठ में गोष्ठी संपन्न:पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म जरूरी, गरुड़ पुराण सुनने की दी सलाह
बलिया में गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट गंगा जी मार्ग पर पितृ पक्ष को लेकर कार्यकर्ता गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, तर्पण और श्राद्ध कर्म की परंपरा के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पितृ पक्ष पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इस दौरान श्रद्धालुओं को पूर्वजों की तृप्ति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करने के साथ गरुड़ पुराण सुनने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में बढ़ती दूरी, आपसी कलह और मानसिक तनाव के बीच गरुड़ पुराण में वर्णित जीवन और मृत्यु से जुड़े विचारों को समझने की जरूरत है। पूर्वजों को परिवार की जड़ बताते हुए कहा गया कि जिस तरह मजबूत जड़ से वृक्ष सुरक्षित रहता है, उसी तरह पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और संस्कार परिवार को मजबूती देते हैं। गोष्ठी में कहा गया कि जीवन की तरह मृत्यु को समझना भी जरूरी है। संवेदनशील और जागरूक लोगों को गरुड़ पुराण का अध्ययन और श्रवण करना चाहिए। इसी उद्देश्य से ‘गरुड़ पुराण-ज्ञान सार संग्रह’ को उपयोगी बताते हुए प्रतिदिन ध्यानपूर्वक सुनने और इसमें बताए गए मृत्यु संबंधी विचारों को समझने का संदेश दिया गया।
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