धन्वंतरि जयंती पर शिष्योपनयन संस्कार का आयोजन:नये छात्रों ने गुस्सा, लालच और अहंकार से दूर रहने का लिया संकल्प

Nov 06, 2026 - 17:53
0
धन्वंतरि जयंती पर शिष्योपनयन संस्कार का आयोजन:नये छात्रों ने गुस्सा, लालच और अहंकार से दूर रहने का लिया संकल्प
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयुर्वेद की परंपरा और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला। धन्वंतरि जयंती के अवसर पर आयुर्वेद संकाय में शिष्योपनयन संस्कार का भव्य आयोजन हुआ। इसमें नए विद्यार्थियों ने गुरुजनों के सामने न सिर्फ ज्ञान अर्जित करने, बल्कि सदाचार, चिकित्सकीय नैतिकता और मानवसेवा के रास्ते पर चलने की शपथ भी ली। बीएएमएस, एमडी आयुर्वेद, बी.फार्मा सहित डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को अतिथियों ने मेडलियन पहनाकर संस्थान की परंपरा से जोड़ा। प्रो. केएन उडुपा सभागार में आयोजित समारोह में BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि शिष्योपनयन संस्कार केवल एक रस्म नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद की समृद्ध ज्ञान परंपरा, गुरुजनों के सम्मान और संस्थान के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों और विभागाध्यक्षों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की। कहा कि बेहतर संवाद से पढ़ाई, अनुसंधान और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होता है। गुस्सा, लालच और अहंकार से दूर रहने का लिया संकल्प समारोह में विद्यार्थियों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शपथ दिलाई गई। उन्होंने काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, असत्य और आलस्य जैसे दुर्गुणों से दूर रहने का संकल्प लिया। साथ ही मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, चिकित्सकीय नैतिकता, अनुशासन और मानवसेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की प्रतिज्ञा की। संस्कार के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व और ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु के प्रति समर्पण की भावना को भी समझाया गया। पद्मश्री प्रो. त्रिपाठी ने बताया चिकित्सा का असली धर्म विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रो. कमलाकर त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि उस ज्ञान से मानवता की सेवा करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार अध्ययन करने, अनुशासन बनाए रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने की सीख दी। वहीं, IMS के निदेशक प्रो. सत्य नारायण शंखवार ने इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का अहम पड़ाव बताया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User