हाईकोर्ट ने 8 दोषियों को जमानत दी:2 महीने में जुर्माने की आधी रकम जमा करनी होगी; 8 की अर्जियां खारिज कीं
अवैध धर्मांतरण मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आठ दोषियों को जमानत दी है। मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना कलीमुद्दीन समेत आठ अन्य दोषियों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने 16 आपराधिक अपीलों में दाखिल जमानत अर्जियों पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। विशेष अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दाखिल अपीलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
खंडपीठ ने उमर गौतम और मौलाना कलीमुद्दीन समेत आठ अभियुक्तों पर लगे आरोपों को गंभीर माना और उनकी जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। अन्य आठ अभियुक्तों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए उन्हें जमानत दी गई।
जमानत पाने वालों में मन्नू यादव, अब्दुल्ला उमर, धीरज गोविंद राव जगताप और सरफराज अली जाफरी समेत आठ दोषी शामिल हैं। अदालत ने सभी को दो महीने के भीतर ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत रकम जमा करने का निर्देश दिया है। रकम जमा नहीं करने पर उनकी जमानत रद्द हो जाएगी और उन्हें जेल जाना पड़ेगा।
खंडपीठ ने सभी 16 आपराधिक अपीलों को जनवरी 2027 के पहले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)